न्यूयॉर्क: नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि भारत अंतरिक्ष से अद्भुत दिखता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वह अपने 'पिता की जन्मभूमि' जाएंगी और वहां के लोगों के साथ अंतरिक्ष खोज के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगी। सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान सुनीता ने यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि जब वह अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में थीं, तो वहां से भारत कैसा दिखता था और अंतरिक्ष खोज पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ उनके सहयोग की कोई संभावना है? इस पर उन्होंने कहा कि भारत अद्भुत है। मैं आपको बताना चाहूंगी कि हम जब भी हिमालय के ऊपर से गुजरे तो बुच ने हिमालय की कुछ अविश्वसनीय तस्वीरें लीं। बेहद अद्भुत है। सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर ने 'स्पेसएक्स क्रू-9' मिशन के तहत पृथ्वी पर लौटने के कुछ दिनों बाद अपने पहले संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। ये दोनों नौ माह से अधिक समय तक अंतरिक्ष में फंसे रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे आशा और यकीन है कि मैं अपने पिता के देश (भारत) जाऊंगी और लोगों से मिलूंगी तथा अंतरिक्ष के बारे में अपने अनुभव साझा करूंगी। 'एक्सिओम मिशन' पर जा रहे भारतीय नागरिक शानदार हैं। उन्होंने ये टिप्पणी 'एक्सिओम मिशन 4' (एक्स-4) वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्री मिशन का जिक्र करते हुए कीं, जिसमें भारत के मिशन पायलट शुभांशु शुक्ला भी शामिल होंगे। लखनऊ में जन्मे शुक्ला, 1984 में अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी राकेश शर्मा के बाद भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे।