पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : पहली अप्रैल,मंगलवार से राज्य में बिजली की दरें कम होंगी। मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने घोषणा की कि अप्रैल में बिजली दरों में एक रुपए प्रति यूनिट की कटौती के बाद नवंबर-दिसंबर में फिर से 1 रुपए प्रति यूनिट की कटौती की जाएगी। इस संबंध में सीएम ने विश्वनाथ में कहा कि पहली अप्रैल से बिजली बिल में 1 रुपए प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। मई में आपका जो बिल आएगा उसमें 1 रुपए प्रति यूनिट कम होगा। अगर भगवान हमें सही-सलामत रखे तो हम नवंबर-दिसंबर में प्रति यूनिट बिजली में 1 रुपए और कटौती कर देंगे। इस वर्ष बिजली बिल में 2 रुपए प्रति यूनिट की कटौती की जाएगी, जो लोग प्रतिमाह 100 यूनिट बिजली की खपत करेंगे, उन्हें 200 रुपए प्रति माह की बचत होगी। अप्रैल से 100 रुपए और नवंबर से फिर 100 रुपए की बचत होगी। गौरतलब है कि साधारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 1 रुपए प्रति यूनिट की कमी की गई है। इसके अलावा, वाणिज्यिक कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में भी 25 पैसे प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। हालांकि ग्राहकों को मई महीने के बिलों में ही इस कमी का लाभ मिलेगा। हालांकि, पहली अप्रैल से बिजली दरों में कटौती के बावजूद   बिजली विभाग ने प्रदेश में पहली बार त्रिस्तरीय बिजली दर वसूली की शुरुआत की। इसका मतलब यह है कि अब से बिजली ग्राहकों को दिन में तीन चरणों में अपने बिजली बिल का भुगतान करना होगा। इसके अनुसार ग्राहकों को शाम के व्यस्त समय में सामान्य टैरिफ से 20 प्रतिशत अधिक भुगतान करना होगा। हालांकि,अतिरिक्त 20 प्रतिशत पिक-आवर शुल्क चालू वर्ष के लिए अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि यह ग्राहकों की इच्छा पर निर्भर करेगा। असम विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष कुमार संजय कृष्ण ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में नए टैरिफ के संदर्भ में कहा कि असम विद्युत वितरण कंपनी (एईडीसी) ने वर्ष 2025-26 के लिए बिजली दरें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रति यूनिट बिजली की औसत लागत 8.72 रुपए निर्धारित की गई। इसके विपरीत चालू वित्त वर्ष में प्रति यूनिट बिजली की औसत लागत 9.70 रुपए थी। इसका मतलब यह है कि इस साल बिजली की कीमत में 0.83 रुपए प्रति किलोवाट की कमी आई है। इसलिए, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओंऔर जीवन धारा योजना के उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ में पहली अप्रैल से 1 रुपए प्रति यूनिट की कमी की गई। साधारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 120 यूनिट से कम और 120 यूनिट से अधिक दोनों श्रेणियों में टैरिफ में 1 रुपए प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। इसके विपरीत, कृषि, उद्योग और वाणिज्यिक कनेक्शनों के शुल्क में भी 25 पैसे प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। एपीडीसीएल ने इस बार बिजली दरों के तीन स्तर प्रस्तावित किए हैं। तदनुसार, रात 10 बजे से सुबह 9 बजे तक को सामान्य समय माना गया है। सामान्य समय के दौरान नई नियमित दर पर शुल्क वसूला जाएगा। इसके विपरीत, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक को सौर समय माना गया है। इस अवधि के दौरान बिजली उपभोक्ताओं को नए नियमित टैरिफ से 20 प्रतिशत कम भुगतान करना होगा। इसका मतलब यह है कि सौर समय के दौरान ग्राहकों को नियमित टैरिफ के मुकाबले बिजली टैरिफ का 80 प्रतिशत भुगतान करना होगा। पीक ऑवर्स शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक होंगे। व्यस्त समय के दौरान बिजली की दरें नियमित दरों से 20 प्रतिशत अधिक ली जाएंगी। इसका मतलब यह है कि पीक आवर्स के दौरान बिजली शुल्क का 120 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। हालांकि, ग्राहकों को पीक आवर्स के दौरान 20 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य नहीं होगा। एपीडीसीएल बिजली उपभोक्ताओं को यह बताने का अवसर देगा कि क्या वे पीक आवर्स के दौरान सामान्य दर से 20 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करने को तैयार हैं या नहीं। अतिरिक्त शुल्क पीक आवर्स के दौरान तभी लिया जाएगा जब एपीडीसीएल को इच्छा के बारे में सूचित किया जाएगा।