वाशिंगटन : अमरीका में राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीका की पहली राजकीय यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच सभी मोर्चों पर उच्च स्तरीय यात्राओं के साथ द्विपक्षीय संबंध और घनिष्ठ हुए हैं तथा भारत एवं अमरीका के बीच इससे पहले इतने मजबूत संबंध कभी नहीं थे। राष्ट्रपति जो बाइडन के निमंत्रण पर मोदी अमेरिका की यात्रा पर गए थे और 21 जून एवं 23 जून के बीच वहां प्रवास के दौरान उन्होंने तीनों दिन बाइडेन से मुलाकात की थी। अधिकारी ने कहा कि दोनों नेताओं ने 22 जून को आठ घंटे से अधिक समय तक एक साथ वक्त बिताया। बाइडेन ने 21 जून को मोदी के लिए निजी रात्रिभोज का भी आयोजन किया था। मोदी की यात्रा के बाद अधिकारी ने कहा कि भारत और अमरीका के बीच इससे पहले कभी इतने मजबूत संबंध नहीं थे। अधिकारी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच चर्चा का प्रमुख विषय चीन था।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा कि हकीकत में दोनों देशों के संबंध चीन के मोहताज नहीं है, लेकिन वह एक कारक है और मुझे लगता है कि चीन का मुद्दा लंबे समय तक हमारे बीच छाया रहा रहेगा। अधिकारी ने कहा कि अमरीका और भारत दोनों का मानना है कि चीन उनके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खतरा बना हुआ है। बाइडन प्रशासन का मानना है कि चीन से निपटने के मामले में भारत अमरीका से आगे रहा है। अधिकारी ने कहा कि नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकार मामलों की अवर सचिव उजरा जेया ने कुछ हफ्ते पहले नयी दिल्ली में दलाई लामा के साथ एक बैठक की थी और 'चीन इसे लेकर आगबबूला हो गया थाÓ। उन्होंने कहा कि वे (भारतीय हैं) कुछ मायनों में हमसे आगे हैं। चीन के खतरे का मुकाबला करने की दृष्टि से यह उनके लिए कहीं अधिक अस्तित्व संबंधी विषय है।