नई दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि सीमा विहीन डिजिटल मंच के विकास के साथ साइबर अपराध ने दुनियाभर के नागरिकों की सुरक्षा के लिए अहम खतरा पैदा किया है।  उन्होंने कहा कि इस समस्या से प्रभावी रूप से निपटने की कुंजी भरोसेमंद वैश्विक साझेदारी है। शाह नॉन फंजीबल टोकन (एनएफटी), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मेटावर्स के युग में अपराध और सुरक्षा पर दो दिवसीय जी-20 सम्मेलन का बृहस्पतिवार को गुरुग्राम में उद्घाटन करेंगे।

नॉन फंजीबल टोकन स्वामित्व सत्यापन का डिजिटल माध्यम है जो ब्लॉकचैन तक में काम करता है जबकि मेटावर्स वह तकनीक है जिसमें डिजिटल जगत में दिखाई देने वाले दृश्य वास्तविकता का अनुभव कराते हैं। इस सम्मेलन में जी-20 देशों, नौ विशेष आमंत्रित देशों, अंतर्राष्ट्रीय निकाय, भारत और दुनिया में प्रौद्योगिकी जगत के नेतृत्व करने वाले और विशेषज्ञ सहित कुल 900 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। शाह ने ट्वीट किया, 'तेजी से बढ़ रहे सीमाविहीन डिजिटल जगत में साइबर अपराध खासतौर पर साइबर धोखाधड़ी पूरी दुनिया के नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

इस अपराध से प्रभावी तरीके से निपटने की कुंजी विश्वसनीय वैश्विक साझेदारी है। गृहमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा पर आयोजित जी-20 सम्मेलन में जी-20 देशों, नौ विशेष आमंत्रित देशों और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच सघन चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में साइबर सुरक्षा पर वैश्विक साझेदारी पर जोर दिया जाएगा, जिससे साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताओं का विस्तृत समाधान कर सुरक्षित साइबर जगत का रास्ता खुलेगा।