लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि धर्मनिरपेक्षता अर्थात् किसी की उपेक्षा नहीं बल्कि सभी धर्मों का एक बराबर आदर-सम्मान भारतीय संविधान की चिर-परिचित विश्व-सराहनीय विशेषता है, जिसकी अवहेलना करके देश को प्रगति के पथ पर नहीं दौड़ाया जा सकता । उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों आदि की आड़ में धार्मिक उन्माद फैलाने वालों को सख्ती से सरकार को रोकना होगा।

बसपा द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में राज्यस्तरीय , मण्डलस्तरीय एवं जिलास्तरीय समितियों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक अहम बैठक में प्रदेश एवं देश के बदलते राजनीतिक हालात एवं सम्बंधित खास घटनाक्रमों आदि पर रणनीतिक चर्चा की और पार्टी संगठन की मजबूती से जुड़े कार्यकलापों तथा पार्टी के जनाधार को हर स्तर पर बढ़ाने की पूरी प्रगति रिपोर्ट ली और आगे के लिए निर्देश दिये। मायावती ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता अर्थात् किसी की उपेक्षा नहीं सभी धर्मों का एक बराबर आदर-सम्मान भारतीय संविधान की चिर-परिचित विश्व-सराहनीय विशेषता है, जिसकी अवहेलना करके देश को प्रगति के पथ पर नहीं दौड़ाया जा सकता, खासकर वर्तमान में जब भारत को पहले से ज्यादा बड़ी एवं कठिन चुनौतियों का सामना रहा है। सभी सरकारों को इस पर ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि इसीलिए केंद्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों की सरकारों को भी समझना होगा कि कथित लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मान्तरण, हिजाब, मजार एवं स्कूल/कालेज विध्वंस, मदरसा जाँच, बुलडोजर राजनीति तथा धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नफरती/संकीर्ण बयानों एवं कार्रवाईयों आदि से देश भर में तनाव एवं दहशत का माहौल व्याप्त है जो देश की मजबूती के लिए घातक है। सामाजिक बुराइयों आदि की आड़ में धार्मिक उन्माद फैलाने को सख्ती से सरकार को रोकनी होगी।