कोकराझाड़ : कोकराझाड़ जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 129वीं वाहिनी द्वारा वाहिनी परिसर में मंगलवार को विश्व पर्यावरण दिवस एवं 9वें विश्व योगा दिवस की श्रृंखला के तहत श्री मनमदन कृष्णन, कमांडेंट 129 बटालियन के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कमांडेंट महोदय द्वारा वाहिनी परिसर में उपस्थित सभी अधिकारियों, अधिनस्थ अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रकृति संरक्षण के संबंध में जागरूक करते हुए अवगत कराया कि प्रकृति हमें पानी, भूमि, सूर्य का प्रकाश और पेड़-पौधे प्रदान करके हमारी बुनयादी आवश्यकताओं को पूरी करती है। इन संसाधनों का उपयोग विभिन्न चीजों के निर्माण के लिए किया जा सकता है।
दुर्भाग्य से मनुष्य इन संसाधनों का उपयोग करने के बजाए नई चीजों का आविष्कार करने में इतना तल्लीन हो गया है कि उसने इन्हें संरक्षित करने के महत्व को लगभग भुला दिया है। फलस्वरूप, इन संसाधनों में से कई तेज गति से कम हो रहे हैं और यदि इसी तरह से ऐसा जारी रहा तो मानवों के साथ-साथ पृथ्वी पर रहने वाले अन्य जीवों का अस्तित्व भी मुश्किल में पड़ जाएगा। प्रकृति के संरक्षण से अभिप्राय जंगलों, भूमि एवं जल निकायों की सुरक्षा से है तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण खनिजों, ईंधन, प्राकृतिक गैसों जैसे संसाधनों की सुरक्षा से है। कुछ ऐसे तरीके जिनसे आम आदमी प्रकृति के संरक्षण में मदद कर सकता है, वह है अधिक-से-अधिक पेड़ लगाना, कागज के इस्तेमाल को रोकना, पानी और बिजली की बर्बादी को रोकना, जानवरों के शिकार जैसी कुप्रथाओं को रोकना, वर्षा जल संचयन प्रणालियों को नियोजित करना, वनों की कटाई को नियंत्रित करना और प्रतिदिन दैनिक कार्यों में प्रयोग किए गए जल को पौधों इत्यादि में डालना।
बटालियन परिसर में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों के साथ योगाभ्यास किया गया। प्रतिदिन योग करने वाला व्यक्ति मानसिक स्तर पर उन्नत एकाग्रता, शांति और संतोष के साथ सशक्त बनता है, जो आंतरिक और बाह्य सामंजस्य प्रदान करता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महोदय के अतिरिक्त अनिल कुमार सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी, डॉ. सुनिल कुमार धाकड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ओ.जी.), रवि मिश्रा, द्वितीय कमान अधिकारी, सौरभ कुमार, उप कमांडेंट, गिरीश कुमार, सहायक कमांडेंट एवं 129 बटालियन के बहादुर जवान उपस्थित रहें।