अमेठी : यूपी में निकाय चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के नामांकन की प्रक्रिया भी सोमवार को पूरी हो गई। अब नामांकन की जांच और नाम वापसी के बाद लड़ाकों की अंतिम सूची का इंतजार है। लोकसभा चुनाव से पहले हो रहे निकाय चुनाव को सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में अमेठी में केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए यह चुनाव अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। कांग्रेस, बीजेपी के साथ ही सपा के भी मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया है।
इस बार आम आदमी पार्टी भी मुकाबले में उतरी है। गांधी परिवार का गढ़ रही अमेठी की सत्ता के लिए कांग्रेस और भाजपा का संग्राम किसी से छिपा नहीं है। अमेठी में दो नगर पालिका और दो नगर पंचायत के अध्यक्षों और सभासदों के लिए मतदान दूसरे चरण में होगा। ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी के अतिरिक्त सपा और आम आदमी पार्टी भी सत्ता संग्राम में पीछे नहीं है। जिले की सबसे हॉट सीट अमेठी नगर पंचायत मानी जा रही है। जहां तीन बार से लगातार राजेश मसाला का कब्जा था। इस बार आरक्षण के चलते पिछड़ी महिला सीट होने से इस बार राजेश मसाला चुनाव से बाहर हैं।
अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी ने अंजू कसौधन को कैंडिडेट बनाया है, वही कांग्रेस ने इस बार सपा छोड़ कर आए सत्तू की पत्नी सरासुल निशा को उम्मीदवार बनाया है। सपा ने लईक हवारी की पत्नी जमीरूल निशा को उम्मीदवार बनाया है। आम आदमी पार्टी ने रीना जायसवाल को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी कैंडिडेट को अपनी पार्टी के बागी कैंडिडेट का नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। यहां युवा मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री महेश सोनी बागी होकर अपनी पत्नी का नामांकन निर्दल करा दिया है। वही अगर गौरीगंज नगर पालिका सीट की बात की जाय तो सपा ने केडी सरोज की पत्नी तारा देवी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने दीपक सिंह की पत्नी रश्मि सिंह को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने अरुण मश्रिा को उम्मीदवार बनाया है। आम आदमी पार्टी भी यहां पीछे नही है।