संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है। आंकड़े के अनुसार भारत की आबादी 142.86 करोड़ हो गई है, जबकि दूसरे स्थान पर  चीन की आबादी 142.57 करोड़ है। जनसंख्या के मामले में भारत अब चीन को पीछे छोड़ दिया है। यूएनएफपीए के अनुसार वर्ष 2050 तक भारत की आबादी 166.8 करोड़ हो जाएगी, जबकि चीन की आबादी घटकर 131.7 करोड़ हो जाएगी। वर्ष 1950 में भारत की आबादी 86.1 करोड़ थी, जबकि चीन की आबादी 114.4 करोड़ थी।

हालांकि 1980 के बाद भारत की जनसंख्या की वृद्धि दर में भी कमी आई है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े के अनुसार भारत में 25 प्रतिशत आबादी 0-14, 18 प्रतिशत आबादी 10-19, 26 प्रतिशत 10-24, 68 प्रतिशत 15-64 एवं 7 प्रतिशत 65 वर्ष से ऊपर की है। कुल मिलाकर देश में 15 से 24 वर्ष के बीच कुल 25.4 करोड़ युवा आबादी है। पंजाब और केरल जैसे राज्य में बुजुर्ग ज्यादा हैं, जबकि उत्तर प्रदेश एवं बिहार में युवा आबादी ज्यादा है। हालांकि चीन ने संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा है कि अब भी उसके पास 90 करोड़ ज्यादा लोगों का गुणवत्ता वाला मानव संसाधन है। चीन ने कहा है कि जनसंख्या लाभांश संख्या पर नहीं, गुणवत्ता पर निर्भर करता है। इसलिए चीन के लिए जनसंख्या के साथ-साथ प्रतिभा भी महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों से लगातार कह रहे हैं कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है। दुनिया के देश भारत में निवेश कर इस युवा शक्ति की प्रतिभा का लाभ उठा सकते हैं। भारत सरकार को देश में बढ़ती जनसंख्या पर अंकुश लगाने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाना होगा। खाद्यान्न, चिकित्सा एवं अन्य दूसरे क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए अभी से तैयारी करनी होगी। इसके लिए लंबी अवधि के योजनाओं को तैयार करना होगा। बढ़ती जनसंख्या का असर निश्चित रूप से देश की अर्थ-व्यवस्था पर पड़ेगा।

जनसंख्या के हिसाब से खाद्यान्नों का उत्पादन भी बढ़ाना होगा। देश आज खाद्यान्न के मामले में काफी अच्छी स्थिति में है, किंतु दाल सहित कुछ अन्य वस्तुओं के लिए हमें दूसरे देशों पर निर्भर होना पड़ रहा है। सरकार को इस दिशा में ध्यान देना होगा। युवा शक्ति का इस्तेमाल देश की अर्थ-व्यवस्था को मजबूत करने एवं विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए करना होगा।