पटना : बिहार में जहरीली शराब से हुई मौत पर नीतीश कुमार अपने 4 महीने पुराने बयान से पीछे हट गए। मोतिहारी में शराब पीकर लगभग 40 लोगों की मौत के बाद नीतीश कुमार ने उनके परिजनों के लिए 4-4 लाख के मुआवजे का ऐलान कर दिया। इससे पहले छपरा में 75 से ज्यादा लोगों की मौत होने पर भी नीतीश कुमार मुआवजा नहीं देने के अपने निर्णय पर अडिग रहे। मोतिहारी की घटना के बाद सीएम के मुआवजा ऐलान के बाद भी भाजपा नीतीश कुमार का पीछा नहीं छोड़ रही है। राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने नीतीश सरकार पर फिर हमला बोला है।
सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा है बिहार में शराबबंदी बिल्कुल फेल है। केवल शराबबंदी का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया गया बिहार की सरकार शराबबंदी की लाश को अपने कंधों पर ढो रही है। उन्होंने शराबबंदी को लेकर सरकार पर कई आरोप लगाए। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने लिखा है कि बिहार सरकार किसी माफिया को आज तक सजा नहीं दिला पाई।
6 वर्षों में जहरीली शराब की घटनाओं से कई लोगों की मौत हुई लेकिन इसके लिए दोषी एक भी व्यक्ति को अभी तक सजा नहीं हो सकी। उल्टे 2016 में 19 लोगों की मौत की घटना के बाद सजा प्राप्त लोगों को पटना हाईकोर्ट ने मुक्त कर दिया। इसमें स्पीडी ट्रायल चलाने की बात होती है लेकिन आज तक शराबबंदी को लेकर स्पेशल कोर्ट का गठन नहीं किया गया। सुशील मोदी यहीं नहीं रुके।