धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश): जी-20 शोध और नवाचार पहल समूह का दो दिवसीय सम्मेलन बुधवार को यहां शुरू होगा। इसमें एक सतत पर्यावरण-अभिनव ऊर्जा संक्रमण प्रणाली के निर्माण के तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार जी-20 देशों, अतिथि देशों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और वैज्ञानिक समुदाय के विशेषज्ञों के प्रतिनिधि विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव श्रीवरी चंद्रशेखर, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड के समन्वय से किए जा रहे इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। बयान के अनुसार, भारत की जी-20 की अध्यक्षता के दौरान शोध और नवाचार पहल समूह का मुख्य विषय 'न्यायसंगत समाज के लिए अनुसंधान और नवाचार' है।

इसमें चार प्राथमिकता वाले क्षेत्र सतत ऊर्जा के लिए सामग्री, चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था, ऊर्जा संक्रमण के लिए पर्यावरण-नवाचार और एक स्थायी नीली अर्थव्यवस्था प्राप्त करने की दिशा में वैज्ञानिक चुनौतियां और अवसर हैं। सतत ऊर्जा और चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था पर यह सम्मेलन क्रमश: रांची और डिब्रूगढ़ में संपन्न हो चुके हैं और धर्मशाला में हो रही यह बैठक प्रमुख भागीदारों को एक साथ लाएगी।