गुवाहाटी: असम का जातीय उत्सव रंगाली बिहू में महज चंद दिन शेष रह गए हैं। महानगर में चारों ओर बिहू की धूम दिखाई दे रही है। इसका कारण है कि इस बार सरोसजाई स्टेडियम में बड़े व्यापक स्तर पर बिहू का आयोजन होने जा रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके गवाह बनेंगे। विश्व रिकार्ड बनाने की तैयारी है। ऐसे में इस बार बिहू की खूब चर्चा है। इसे लेकर राज्यवासियों में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। जगह-जगह बिहू को लेकर प्रदर्शनी लगाई गई है।
बिहू के लिए विशेष कपड़े (मेखला चादर) महानगर के स्टालों पर सज गए हैं। वहीं महानगर में बिहू-बिहू लागिसे के साथ ही अन्य बिहू गीत की धुन सुनाई दे रही है। जिससे राज्य के हर आयु व वर्ग के लोगों का उत्साह दोगुना बढ़ गया है। इस मौके पर नगर में कहीं रंगाली बिहू मेला तो कहीं गामोछा मेला तो कहीं खाद्य सामग्रियों का मेला लगा हुआ है। बिहू के कार्यक्रम में उपयोगी वाद्य यंत्र बासुरी, ढोल, पेपा, गगना, ताल आदि के साथ जातीय सम्मान से जुड़ी जापी गामोछा,खराई, गैड़ा व पारंपरिक परिधान सिल्क का शर्ट, कुर्ता,पजामा, मोदी जैकेट, मेखला चादर समेत अन्य सामग्री दुकानों पर सज गए हैं।
असम के मुख्य वाणिज्य केंद्र फैंसी बाजार, पान बाजार में विशेष रूप से दुकानों को सजाया गया है। दिघलीपुखरी के दक्षिण तथा उत्तर तरफ रंगाली बिहू मेला लगा हुआ है। दर्जनों की संख्या में स्टॉल लगे हुए हैं। वहीं आर्ट फेड के मुख्यालय में भी गामोछा मेला चल रहा है। दिखलीपुखरी के पास लगे मेले में पारंपरिक खाद्य सामग्री के साथ ही पारंपरिक परिधान भी बिक रहे हैं। पलटन बाजार, गेणशगुड़ी,खानापाड़ा, बेलतला, मालीगांव, नूनमाटी के साथ ही अन्य इलाकों के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। खास कर सिल्क वस्त्रों की डिमांड ज्यादा देखी जा रही है।
सभी अपने-अपने बजट के हिसाब से खरीददारी कर रहे हैं। राज्य भर के बिहू आयोजन स्थलों पर बिहू का पंडाल व मंच निर्माण का काम अंतिम चरण में है। वहीं राज्य सरकार की ओर से रंगाली बिहू को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड को लेकर व्यापक तैयारी चल रही है। इसको सफल बनाने के लिए कामरूप महानगर जिला की ओर से निरंतर बिहू का अभ्यास कार्यक्रम जारी है। 14 अप्रैल को महानगर के सरूसजाई स्टेडियम में एक साथ 11 हजार प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।