सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल गेटों की संख्या 9 से बढ़ाकर 27 करने का निर्णय लिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब वाहनों से छोटे अंतराल पर टोल टैक्स वसूला जाएगा। मालूम हो कि पहले से ही राज्य में चल रहे 9 में से 4 टोल गेट अवैध हैं, क्योंकि एक-दूसरे के बीच न्यूनतम दूरी का पालन नहीं हो रहा है। अगर 9 टोल गेटों से ये हाल है तो 27 टोल गेटों के बनने पर क्या स्थिति होगी इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। ऐसा लगता है कि सरकार 27 टोल गेट स्थापित कर अवैध रूप से कर वसूली करना चाहती है।
पंजाब के नांगल-ऊना रोड पर स्थित करतारपुर साहिब टोल गेट को मान सरकार ने इसलिए बंद कर दिया, क्योंकि वहां न्यूनतम दूरी के नियमों का उल्लंघन हो रहा था। यह सबको मालूम है कि असम में अधिकांश खाद्यान्न बाहर से आयात होता है। इसलिए असम के उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ पडऩा स्वाभाविक है। मार्केट तक पहुंचते-पहुंचते खाद्यान्न एवं दूसरी चीजों की कीमतों में वृद्धि हो जाएगी, क्योंकि उसके परिवहन पर ज्यादा टैक्स देने के कारण आर्थिक बोझ बढ़ेगा। राज्य की जनता पहले से ही आसमान छूती महंगाई से त्रस्त है। खाद्य पदार्थों एवं दवाइयों के दाम तेजी से बढऩे से जनता में त्राहिमाम मची हुई है। ऐसा लगता है कि इस मामले में सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
कंपनियां अपने हिसाब से कीमतों में मनमाना वृद्धि करती जा रही है। सरकार द्वारा महंगाई कम करने के लिए कुछ घोषणा भी की जाती है तो वह केवल कागजों पर ही सिमट कर रह जाती है। धरातल पर उसका प्रभाव देखने को नहीं मिलता है। असम सरकार ने बिजली की फिक्स दरों में पहले ही वृद्धि कर दी है। इसके अलावा नगरपालिका करों में भी काफी वृद्धि की गई है। इसके खिलाफ राज्य भर में विरोध प्रदर्शन भी हो रहा है। टोल गेटों की संख्या बढऩे से स्थिति और बदतर हो जाएगी। पहले ही टोल टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।
सरकार को आसान तरीके से टैक्स वसूलने के बजाय अन्य दूसरे स्रोतों से राजस्व जुटाने पर पहल करनी चाहिए। मध्यम एवं निचले वर्ग के लोगों को बेलगाम महंगाई के कारण खाने-पीने की चीजों में कटौती करना पड़ रहा है। साग-सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही है। हर तरफ महंगाई का बोलबाला है और जनता लाचार है। सरकार को जनता की लाचारी पर गौर करना चाहिए। एक तरफ लोगों की आमदनी घट रही है और दूसरी तरफ खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में जनता किस तरह अपनी रोजमर्रा की जदगी आगे बढ़ाएगी, इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।