इस बार की रामनवमी बहुत ही खास होने वाली है। क्योंकि इस दिन पांच शुभ संयोग बन रहे हैं। जो उत्तम फलदायी साबित होंगे। आइए जानते हैं रामनवमी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त। चैत्र नवरात्रि के 9वें दिन रामनवमी मनाया जाता है। इस साल 30 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी। इस बार रामनवमी पर 5 शुभ योगों का अनोखा संयोग बना है। उस दिन चंद्रमा मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। भगवान राम की कुंडली में भी चंद्रमा कर्क राशि में विराजमान हैं। इसके अलावा रामनवमी के दिन गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे पांच शुभ संयोग बनने से इस दिन भगवान राम की पूजा अर्चना करना अति उत्तम फलदायी साबित होगा। इसके अलावा इस दिन बुध भी उदित हो रहे हैं।तो जानते हैं इस बार रामनवमी पर कैसा करें भगवान राम की पूजा, जिससे आपकी मुराद जल्द हों पूरी।
रामनवमी पूजा विधि : रामनवमी के दिन शुभ मुहूर्त में स्नान आदि के बाद भगवान राम की प्रतिमा का केसर के दूध से अभिषेक करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर रामचरितमानस का पाठ करें। यदि आप रामचरित्र मानस का पाठ नहीं कर पाते हैं तो सुंदरकांड का पाठ जरूर करें। इसका पाठ करने से घर में खुशहाली आती है, साथ ही धन और वैभव की वृद्धि होती है। रामनवमी के दिन एक श्रीं ह्रीं क्लीं
रामचंद्राय श्री नमः इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें। इस बात का ख्याल रखें की भगवान राम की पूजा करने के साथ-साथ माता सीता का पूजा भी जरूरत करें। पूजा के अंत में भगवान राम और माता सीता का आशीर्वाद जरूर लें। इस जल को घर के हर कोने में छिड़क दें। यदि आपके घर में कोई वास्तु दोष है तो वह समाप्त हो जाएगा।
रामनवमी के दिन शुभ मुहूर्त : 29 को रात में 9.8 बजे से शुक्ल नवमी तिथि का आरंभ होगा। नवमी तिथि 30 मार्च को रात में 11.31 बजे तक रहेगी।