जम्मू : केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शुक्रवार को दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा से अयोग्य घोषित नहीं किए जाते अगर वह भारतीय लोकतंत्र के बारे में अपनी कथित आलोचनात्मक टिप्पणी के लिए माफी मांग लेते। आठवले ने यहां पत्रकारों से कहा कि गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें यह पता होना चाहिए कि उन्हें विदेश यात्रा के दौरान ‘देश के खिलाफ’ नहीं बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी ने माफी मांग ली होती तो उनके अयोग्य घोषित किए जाने की नौबत नहीं आती। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि गांधी ने यह कहकर कि आखिर सारे चोरों का उपनाम मोदी कैसे हैं, लोगों के एक बड़े समूह को ‘अपमानित’ किया था।
उन्होंने कहा कि ऐसे में किसी ने अदालत का रुख किया, जिसने उन्हें (गांधी को) दो साल की सजा सुनाई। आठवले ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने गांधी की टिप्पणी का विरोध किया था लेकिन राहुल गांधी पर इसका कोई असर नहीं हुआ था । सूरत की एक अदालत ने 2019 के मानहानि के मामले में कांग्रेस नेता को दोषी ठहराया और उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई। गांधी को जमानत दे दी गई और उन्हें इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। कांग्रेस ने कहा है कि वह मामले में कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी।