गर्मियों का मौसम जारी है और इस मौसम में त्वचा और पाचन से जुड़े विकारों का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों लोग अक्सर हाइपर एसिडिटी, शरीर में जलन, त्वचा पर चकत्ते, फोड़े, हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से जूझते हैं। पेट और त्वचा से जुड़ी बीमारियों के लिए बाजार में कई दवाएं और उपचार मौजूद है लेकिन वो महंगे होते हैं और उनके साइड इफेक्ट्स भी ज्यादा होते हैं। आयुर्वेद डॉक्टर मिहिर खत्री का मानना है कि पित्त वाले लोगों में यह समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं।

अगर आप इन विकारों से बिना किसी दुष्प्रभाव राहत पाना चाहते हैं, तो आप नीम के ताजे फूल और ताजे हरे पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात इस उपचार के लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है।

गर्मियों में खुजली की समस्या बढ़ जाती है इससे निपटने के लिए यह उपाय असरदार है। नीम के फूल और पत्तों में एंटीसेप्टिक, एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-इचिंग, हीलिंग, कूलिंग गुण होते हैं, जिस वजह से यह फायदेमंद है।

गर्मियों में पेट और आंतों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। खासकर पेट के कीड़े और पेट में तेजाब बनने की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। नीम के फूल और पत्ते कड़वे स्वाद के कारण इन विकारों को खत्म करते हैं। डॉक्टर ने बताया है कि नीम के फूल और पत्तों में खून साफ करने और लिवर के कामकाज को बढ़ावा देने की क्षमता होती है। खून साफ करके चर्म रोगों से बचने के लिए आपको यह उपाय आजमाना चाहिए।

इस मौसम में मलेरिया और बुखार का जोखिम भी असबसे अधिक होता है। इससे निपटने के लिए आपको नीम के फूलों का रस पीना चाहिए। डॉक्टर के अनुसार, इसमें ज्वरनाशक गुण पाए जाते हैं। डॉक्टर ने बताया कि इस मौसम में पेड़ों पर नए पत्ते और फूल आ रहे हैं। नीम के पेड़ पर हरे पत्ते और सफेद रंग के फूल उग रहे हैं। अगर गर्मियों में आपको फोड़ा, फुंसी, दाने या खुजली की समस्या हो गई है, तो आप फूल-पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे प्रभावित हिस्स पर लगायें, आपको फायदा होगा। खुजली या त्वचा के किसी भी रोग में नीम के पत्तों को उबालकर पानी में उबालकर स्नान करने से लाभ होता है।