एकीकृृत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) पर आम आदमी पार्टी (आप) का कब्जा हो गया है। महापौर के चुनाव में आप की उम्मीदवार शैली ओबेरॉय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को 34 मतों से हराकर दिल्ली की महापौर बन गई है। ओबेरॉय को कुल 150 मत मिले, जबकि रेखा गुप्ता को 116 मत मिले। पिछले वर्ष दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महापौर का चुनाव कराने के लिए एमसीडी सदन की बैठक बुलाने के लिए मंजूरी दे दी थी। आप के उम्मीदवार ओबेरॉय की याचिका पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने चुनाव कराने का आदेश दिया था।

अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि उपराज्यपाल द्वारा एमसीडी के लिए नामित किये गए सदस्य एमसीडी महापौर चुनाव में मतदान नहीं कर सकते। अदालत के इस फैसले को आप की जीत तथा भाजपा की हार के रूप में देखा गया है। इसका फायदा महापौर चुनाव में आप को मिला है। इस चुनाव में आप की उम्मीदवार आले मोहम्मद इकबाल उपमहापौर के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार कमल बागड़ी को हराकर विजयी घोषित किये गए हैं।

महापौर और उपमहापौर की गद्दी पर आप का कब्जा हो जाने से भाजपा को करारा झटका लगा है। अगर इस चुनाव में मनोनीत सदस्यों को मतदान का अधिकार होता तो तस्वीर बदल भी सकती थी। महापौर के चुनाव के लिए पहले तीन बार बैठक हो चुकी थी, किंतु मनोनीत सदस्यों को मतदान का अधिकार होने के मुद्दे पर सदन में हंगामे के कारण चुनाव नहीं हो पाया था। महापौर बनने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शैली ओबेरॉय अकादमिक पहचान के लिए जानी जाती हैं।

दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आदेश गुप्ता के गढ़ पूर्वी पटेल नगर वार्ड से पहली बार जीत कर महापौर बन गई। दिसंबर में हुए एमसीडी के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 134 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल कर ली थी। उस चुनाव में भाजपा को 105 सीटों पर ही जीत दर्ज कर संतोष करना पड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस तथा आप के एक-एक पार्षदों ने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा के पक्ष में मतदान किया। एक निर्दलीय पार्षद ने भी भाजपा को वोट दिया।

कांग्रेस के पार्षदों ने इस चुनाव का बहिष्कार कर तटस्थ होने का संकेत दिया। कांग्रेस आप के उम्मीदवार का समर्थन कर दिल्ली में अपनी साख गंवाना नहीं चाहती थी। शीर्ष अदालत के आदेश ने निश्चित रूप से भाजपा को झटका दिया है। दिल्ली में भाजपा और आप के बीच विभिन्न मुद्दों पर लड़ाई चलती रही है। अब केंद्र सरकार आप को झटका देते हुए राजनीतिक खुफिया जानकारी जुटाने के मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई को मंजूरी दे दी है। इससे सिसोदिया के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि सिसोदिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 की धारा 17 के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जाती है।

इधर भाजपा की दिल्ली इकाई ने उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को तत्काल गिरफ्तार करने और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। सिसोदिया पहले से ही 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति में शराब व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन्हें 26 फरवरी को सीबीआई के सामने पेश होना है।  दिल्ली पर कब्जा के लिए भाजपा और आप के बीच लगातार टकराव जारी है। दिल्ली के बाद पंजाब में मिली जीत से उत्साहित अरविंद केजरीवाल 2024 के चुनाव में नरेन्द्र मोदी को टक्कर देने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। देखना है कि दोनों पार्टियों के बीच चल रही कुश्ती का क्या अंजाम होता है?