विश्व के हथियार एवं रक्षा उपकरणों के आयातक देशों की श्रेणी में भारत का नंबर हमेशा ऊपर रहा है। उन्नत हथियारों एवं सैन्य साजो-सामान के लिए भारत रूस तथा अन्य देशों पर निर्भर रहा है। लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की जोरदार पहल शुरू हो चुकी है। मेक-इन-इंडिया, मेक फोर द वर्ल्ड दृष्टिकोण के तहत भारत इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। चरणबद्ध तरीके से विदेश से आने वाले हथियारों एवं अन्य उपकरणों पर प्रतिबंध लगाकर उसकी भरपाई देश में उत्पादित स्वदेशी हथियारों से की जा रही है।
पिछले आठ-नौ वर्षों के दौरान स्थिति काफी बदल चुकी है। अब भारत दुनिया के 75 देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है। भारत के ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस विमानों, पिनाक मिसाइल डिफेंस सिस्टम एवं बुलेटप्रूफ ट्रकों के लिए कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान देश का रक्षा निर्यात छह गुणा बढ़ा है। वर्ष 2024-25 तक सैन्य साजो-सामान के निर्यात को बढ़ाकर पांच अरब अमरीकी डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। बेंगलुरू में आयोजित एरो इंडिया की 14वीं प्रदर्शनी रक्षा के क्षेत्र में भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है। पांच दिवसीय प्रदर्शनी को एशिया में सबसे बड़ी प्रदर्शनी माना जा रहा है। इसमें 700 से अधिक भारतीय एवं विदेशी रक्षा कंपनियां तथा सौ देश के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काफी जोर दे रहे हैं। प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मोदी ने रक्षा के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा निवेश करने का आह्वान किया। इससे भारतीय कंपनियों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा कि भारत इस क्षेत्र में नई सोच एवं नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा। अभी तक भारत में इस तरह की प्रदर्शनी का आयोजन केवल हथिायार बेचने के लिए किया जाता था, किंतु आज यह भारत की ताकत को दर्शाता है। ऐसी उम्मीद है कि यहां लगभग 250 कंपनियों से कंपनी समझौते होने की उम्मीद है जिससे 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश हो सकता है।
एरो शो में भारतीय वायु सेना के कई विमानों ने अपनी हवाई ताकत का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शनी के दौरान एयर बस, बोइंग, डसॉल्ट एविएशन, लॉकहीड मार्टिन, इजरायल एयरो स्पेस इंडस्ट्री, ब्रह्मोस एरो स्पेस, आर्मी एविएशन, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लि., भारत इलेक्ट्रोनिक लि. सहित कई बड़ी कंपनियां इसमें हिस्सा ले रही हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जिस तरह दुनिया के सामने सामरिक चुनौती बढ़ी है, उसको देखते हुए सभी देश अपनी रक्षा तैयारी को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। भारत को चीन की तरफ से मिल रही लगातार चुनौती के मद्देनजर भारत भी अपनी रक्षा तैयारी को मजबूती प्रदान कर रहा है। चीनी सीमा के पास उन्नत एवं घातक हथियार तैनात किए जा रहे हैं।
इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्र में ढांचागत सुविधाओं जैसे सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्शन को बढ़ाया जा रहा है। पुलों एवं सुरंगों का तेजी से निर्माण किया जा रहा है, ताकि किसी विषम परिस्थिति में भी भारतीय सेना कम समय में सीमा पर पहुंच सके। नौसेना को मजबूत करने के लिए मोदी सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं। परमाणु चालित पनडुब्बी के निर्माण के क्षेत्र में भी पहल की जा रही है। चीन की विशाल नौसेना का जवाब देने के लिए भारत भी कमर कस चुका है। उम्मीद है कि बेंगलुरू का एरो स्पेस शो भारत की सामरिक तैयारी को नए मुकाम तक पहुंचाने में सहायक साबित होगा।