जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस अधिकारियों से संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश देते हुए सोमवार को कहा कि राज्य में भयमुक्त माहौल और लोगों की सुरक्षा सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि देशभर में साम्प्रदायिकता, तनाव और हिंसा का माहौल बढ़ा है, ऐसे में पुलिस के लिए आने वाला समय और अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षकों एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।  उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य में संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान आक्रामक रूप से जारी रखें। 

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर गैंगस्टर और अपराधियों को फॉलो करने वालों एवं समर्थन करने वालों, आश्रय और वित्तीय सहायता प्रदान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जेल में अपराधिक तत्वों के माध्यम से संचालित सक्रिय गिरोहों के खिलाफ विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली कोई भी घटना किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य में धमकी देकर अवैध वसूली के प्रकरण सामने आए हैं।

उन्होंने ऐसी घटनाओं में अभियुक्तों के विरुद्ध शीघ्र एवं ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विदेश में रहकर वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों के विरुद्ध भी केंद्र सरकार के माध्यम से कार्रवाई की जाए। ऐसे आपराधिक गिरोहों को खत्म करना हमारा प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं में मादक पदार्थ सेवन चिंताजनक है। इसकी प्रभावी रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाएं और अभिभावकों से संवाद करें। इसके अनुसार गहलोत ने कहा कि देशभर में सांप्रदायिकता, तनाव और हिंसा का माहौल बढ़ा है। ऐसे में पुलिस के लिए आने वाला समय और अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसी घटनाओं में लिप्त व्यक्ति किसी भी जाति अथवा धर्म का हो, कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। गहलोत ने कहा कि पुलिस विभाग में अनिवार्य प्राथमिकी, स्वागत कक्ष सहित अन्य नवाचार किए गए हैं।

इसका असर रहा है कि 156 (3) के मामलों, अनुसंधान समय और महिला अत्याचारों के मामलों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि उदयपुर, सीकर, जयपुर के विभिन्न घटनाक्रमों में त्वरित प्रभावी कार्रवाई कर अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है।  गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में नाबालिगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बालगृहों में सुधारात्मक गतिविधियों को और बढ़ाएं।