बांका : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि डेढ़ दशक पहले भाजपा के साथ उनका गठबंधन, जो पिछले साल अचानक समाप्त हो गया, उनकी पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के लिए हानिकारक था। बांका जिले में अपनी समाधान यात्रा के क्रम में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान जदयू के असंतुष्ट नेता और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के अलग से पार्टी के कार्यकर्ताओं की 19 और 20 फरवरी को पटना में बैठक बुलाए जाने के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के शीर्ष नेता नीतीश ने दो-टूक लहजे में जवाब दिया।
नीतीश ने कहा कि अगर आप पूछ रहे हैं तो मुझे बताना पड़ेगा कि उस आदमी को हमने कितना बढ़ाया, विधायक बना दिए। हम लोगों ने अपनी तरफ से उन्हें पार्टी का नेता बनाया। लेकिन इसके बाद भाग गए, फिर आ गये। सांसद बनना था तो उनको राज्यसभा का सदस्य भी बना दिए। फिर भाग गये।
तीसरा बार आ गये और कहा कि हम हर हालत में रहेंगे, लेकिन आजकल क्या बोल रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कुशवाहा भाजपा के इशारे पर ऐसा कर रहे हैं। इस पर जदयू के शीर्ष नेता ने कहा कि जब किसी का प्रचार होता है तो आप समझ जाइए कहां से प्रचार हो रहा है। आप समझ जाइए कौन मौका दे रहा है। कुशवाहा के जदयू छोड़ने की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि जाने दिजिए।
इससे पार्टी का कुछ भी नुकसान नहीं होने वाला है। चिंता मत करिए। उन्होंने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि हमारी पार्टी को एक बार किसी ने नुकसान किया जिसके साथ हम वर्ष 2017 में दोबारा साथ आए थे। लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद जब हम लोगों ने कहा कि हमारे लोगों को तीन-चार सीट मंत्रिमंडल में दीजिएगा, इस पर उन्होंने कहा कि हमने तो कहा नहीं। विधानसभा चुनाव में भी हम लोगों के उम्मीदवारों के खिलाफ अभियान चलता रहा, लेकिन हम लोगों ने उनका समर्थन किया। नीतीश ने कुशवाहा की ओर इशारा करते हुए कहा कि कल होकर देख लीजिएगा पता चल जाएगा।
अगर कोई आता है और फिर जाता है, तो जाए। इसके बाद हम लोगों को कोई मतलब नहीं है। रहिएगा और काम कीजिएगा तो ठीक है, लेकिन आप रोज बोलिएगा तो इसका मतलब साफ है कि कहीं और का विचार हो गया है जदयू नेता कुशवाहा उस समय से नाराज चल रहे हैं, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें अपना दूसरा उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों को खारिज कर दिया था।