नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस बजट में सभी वर्गों के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है। कोरोना काल तथा रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। ऐसी स्थिति में मोदी सरकार ने आयकर छूट की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख कर मध्यम वर्ग एवं नौकरी पेशा लोगों को खुश करने का प्रयास किया है। वर्ष 2014 के बाद पहली बार आयकर की सीमा बढ़ाई गई है। बजट में गरीब से लेकर मध्यम वर्ग तक का खास ख्याल रखा गया है। मालूम हो कि इस वर्ष नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसमें चार राज्य पूर्वोत्तर क्षेत्र से हैं। केंद्र सरकार ने बजट में इसका पूरा ख्याल रखा है। पूर्वोत्तर क्षेत्र को 5892 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं। विकास दर को बनाए रखने के लिए बजट में प्रावधान रखा गया है। किसानों के लिए बजट में क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। कृृषि संबंधी जानकारी के लिए किसान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेट फॉर्म बनाने तथा मत्स्य संपदा योजना के लिए 6 हजार करोड़ रुपए निवेश का प्रावधान रखा गया है। युवाओं को रोजगार का अवसर उपलब्ध करवाने के लिए देश में 30 स्कील इंडिया सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। रेलवे के लिए बजट में 2.4 लाख करोड़ का प्रावधान है। लेकिन मोदी सरकार ने इस बार भी वरिष्ठ नागरिकों को निराश किया है। ट्रेन किराए में वरिष्ठ नागरिकों को पहले दी जा रही छूट को इस बार भी बहाल नहीं किया गया है। गरीबों के घर बनाने के बजट में 66 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। पीएम गरीब कल्याण योजना के लिए दो लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। बजट में अंत्योदय और प्राथमिकता परिवार योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए मुफ्त राशन देने का भी प्रावधान है। स्वास्थ्य, रेलवे, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं पर बजट में विशेष जोर दिया गया है। रोजगार निर्माण के लिए बजट में 10 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान है। चीन के साथ चल रहे तनाव को देखते हुए रक्षा बजट बढ़ाकर 5.94 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 12.95 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा सरकार ने रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत व्यय के तहत 1.62 लाख करोड़ का प्रावधान रखा है, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर नए हथियार, विमान, युद्धपोत एवं अन्य सैन्य साजो-सामान खरीदने पर इस्तेमाल किया जाएगा। मालूम हो कि चीन का रक्षा बजट भारत से तिगुणा है। मोदी सरकार ने जेल में बंद गरीब लोगों के रिहाई के क्षेत्र में सराहनीय काम किया है। देश के विभिन्न जेलों में ऐसे दो लाख कैदी हैं जिनकी सजा अवधि खत्म हो चुकी है, किंतु निर्धारित राशि का भुगतान नहीं कर पाने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो रही है। अब केंद्र सरकार उनकी रिहाई के रकम का भुगतान सरकारी फंड से अदा करेगी। निवेश के लिए भी यह बजट अच्छा है। वर्तमान बजट में सुपर चार्ज में 12 प्रतिशत की कमी कर सरकार ने अच्छा कदम उठाया है। विश्व में खाद्य संकट को देखते हुए मोदी सरकार ने मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है, जिसकी झलक बजट में दिखती है। चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार ने इस बार गरीबों, किसानों, मध्यम वर्गों एवं महिलाओं के लिए विशेष राहत देकर जो मास्टर स्ट्रोक खेला है, इसका लाभ भाजपा को निश्चित रूप से मिलेगा। कुल मिलाकर वर्तमान बजट पर चुनावी साया दिख रही है।
मोदी सरकार का बजट
