प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी देश अपना 74वां गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाने जा रहा है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू होने के साथ ही गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आई आॢथक चुनौती तथा चीन के साथ चल रहे तनाव के मद्देनजर 74वें गणतंत्र दिवस की अहमियत बढ़ गई है। भारत आॢथक मंदी से उबरने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ चीन से बढ़ते खतरे को देखते हुए अपनी सामरिक तैयारी को गति देने में लगा हुआ है। इसकी झलक गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान देखने को मिलेगी। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (राजपथ) पर आयोजित होने वाले परेड में आत्मनिर्भर भारत पर फोकस रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि रक्षा के क्षेत्र में भारत मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर जोर देगा। इसी के तहत 26 जनवरी को होने वाले परेड के दौरान के-9 वज्र  टैंक, अर्जुन टैंक, एंटी टैंक गाइड मिसाइल नाग, सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल आकाश तथा क्विक रिएक्शन फाइङ्क्षटग व्हीकल्स को प्रदॢशत किया जाएगा। गोला-बारूद भी स्वदेशी होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 21 तोपों की सलामी भी देश में निॢमत 105 एमएस फील्ड गन से दी जाएगी। मालूम हो कि के-9 वज्र टैंक को पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना के पास तैनात किया गया है। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल एवं आकाश डिफेंस सिस्टम को भी चीनी सेना के समक्ष तैनात किया गया है। टाटा द्वारा निॢमत क्विक रिएक्शन फाइङ्क्षटग व्हीकल्स पर गोली एवं बम का कोई असर नहीं होता है। परेड में स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव एवं रुद्र को भी प्रदॢशत किया जाएगा।

इस बार कर्तव्य पथ पर परेड में कुल 23 झांकियों को शामिल किया गया है, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से तथा छह सरकारी मंत्रालयों एवं विभागों से होंगे। झांकियों तथा परेडों में महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया है। कोरोना काल के कारण दो वर्ष के अंतराल के बाद मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किये गए हैं। सीसी 25 जनवरी को ही भारत पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुए द्विपक्षीय बैठक के दौरान राजनीतिक, आर्थिक, सामरिक एवं वैज्ञानिक क्षेत्र में कई समझौते हुए हैं। रक्षा एवं व्यापार के क्षेत्र में दोनों देश काफी आगे बढ़ चुके हैं। मिस्र और भारत के बीच संबंध बहुत पुराना है।

भारत मिस्र के साथ संबंध बढ़ाकर खाड़ी देशों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है, जबकि आॢथक संकट से जूझ रहे मिस्र को भारत के साथ की जरूरत है। इस वर्ष भारत जी-20 जैसे दुनिया के सबसे मजबूत संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसी स्थिति में भारत गणतंत्र दिवस के माध्यम से दुनिया को एक सशक्त संदेश देने की कोशिश करेगा। दुनिया भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है, जिस पर खड़ा उतरने का वक्त है। हमारे वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर जिस राष्ट्र की कल्पना की थी उस पर खड़ा उतरने के लिए इस ऐतिहासिक दिवस पर सभी देशवासियों को संकल्प लेना होगा। 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी देशवासियों को पूर्वांचल प्रहरी परिवार की तरफ से हार्दिक शुभकामना।