घर का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र में बहुत ही अहम हिस्सा माना जाता है। इसलिए मुख्य द्वार का साफ-सुथरा रखना चाहिए और साथ ही ध्यान रखना चाहिए कि हम वहां कुछ ऐसी फोटो ना लगाएं जिससे की आपके घर से बरकत चली जाए। इसलिए वास्तु के अनुसार कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणपति को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। गणेश जी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और बरकत आती है। लेकिन कई लोग अपने घर के मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की मूर्ति बाहर और अंदर के साइड लगाते हैं और सोचते हैं कि उन्हें भगवान गणेश की कृृपा मिलेगी। लेकिन वास्तु शास्त्र में इसके विपरीत माना जाता है। जी हां, वास्तु शास्त्र की मानें तो घर के मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की मूर्ति बाहर और अंदर साइड लगाना अच्छा नहीं माना जाता है। कई बार लोग सोचते हैं कि भगवान गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर मुख्य द्वार पर इसलिए लगा देते हैं कि ये शुभ है लेकिन आपको बता दें कि वास्तु शास्त्र के अनुसार ये दोनों ही स्थिति गलत और अशुभ परिणाम देने वाली मानी जाती है। इसलिए कभी भी ऐसा ना करें।

घर के मंदिर में स्थापित करें गणेश जी की मूर्ति : भगवान गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर को घर के मंदिर में विधि-विधान से स्थापित करें। ऐसा करने से बप्पा की कृृपा पूरे परिवार पर बनी रहेगी और उनका आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। घर में मंदिर में रखी मूर्ति या तस्वीर की रोजाना पूजा होगी और उससे घर में बरकत बनी रहेगी और सुख-समृद्धि प्राप्त होगी।

दीवार पर भूलकर भी न लगाएं गणेश जी की तस्वीर : भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर को मुख्य द्वार पर भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि घर के मुख्य द्वार पर द्वारपाल की भूमिका होती है ऐसे में बप्पा की तस्वीर या मूर्ति रखना उनका अपमान माना जाता है। इसके अलावा भगवान गणेश की तस्वीर कभी ऐसी दीवार पर नहीं लगाना चाहिए जो बाथरूम या टॉयलेट से जाकर मिलती हो। इससे आपको नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए गणपति पूजा घर यानी मंदिर में ही विराजमान करना चाहिए।