जयपुर/हनुमानगढ़ : राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि बुजुर्गों को युवा पीढ़ी के बारे में सोचना चाहिए और युवाओं को न्याय व मौका मिलना चाहिए। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न के इस्तीफे का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि अर्डर्न को आठ साल पहले प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी घटती सार्वजनिक रैंकिंग के कारण पद छोड़ दिया और इसके बजाय अपनी पार्टी के लिए काम करने का फैसला किया।
पायलट ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि 2004 में उन्होंने पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में शामिल की जाने वाली अपेक्षाओं पर चर्चा करने के लिए उनके सहित 15-20 युवा नेताओं को बुलाया था। गहलोत पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि लोगों की परवरिश ऐसी होनी चाहिए कि वे दूसरों का सम्मान करें। पायलट ने कहा कि इज्जत दोगे तो इज्जत मिलेगी। पायलट जयपुर के महाराजा कॉलेज में छात्र संघ कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद युवाओं को संबोधित कर रहे थे। गहलोत का नाम लिए बगैर पायलट ने उन पर उस भाषा को लेकर निशाना साधा जिसका इस्तेमाल उन्होंने (गहलोत ने) पूर्व में उनके (पायलट) लिए किया है।पायलट ने कहा कि आप सब जानते हो। मेरे बारे में क्या क्या बोला,मैं आपके बीच में आया हूं।आपसे उम्र में बड़ा हूं इसलिए मेरा दायित्व बनता है।
मैं आपको सही बात बोलूं,आपके संस्कारों को जगाऊं। आपकी परवरिश ऐसी होनी चाहिए कि आपका लोगों का मान सम्मान करो।लोगों को इज्जत बख्शो और इज्जत दोगे तो इज्जत मिलेगी। पायलट ने छात्रों को सुझाव देते हुए कहा कि आपको एक अच्छे वातावरण में पढने का जो वरदान मिला है, उसका सदुपयोग करें और अपने आचरण, भाषा, बोली,विचार, व्यक्तित्व में ऐसी चीजें लेकर आएं ताकि आपसे आगे आने वाली पीढ़ी आप पर गर्व कर सके। पायलट ने कहा कि मैंने कभी भी अपने विरोधियों के सामने उन शब्दों का उपयोग नहीं किया जो शब्द मैं अपने लिए नहीं सुनना चाहता हूं। जो शब्द,जो बातें आप अपने लिए नहीं सुन सकते वो औरों को नहीं बोलनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से पूछा, ‘संघर्ष में कोई कमी, मेहनत में कोई कमी देखी, रगड़ाई में कमी दिखी।