वाराणसी : वाराणसी से कोलकाता और बांग्लादेश होते हुए असम के डिब्रूगढ़ तक जाने वाला गंगा विलास क्रूज मंगलवार की सुबह वाराणसी पहुंच गया। सबसे लंबी रिवर क्रूज यात्रा पर रवाना होने के लिए स्विट्जरलैंड के पर्यटकों का दल भी काशी पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जनवरी को क्रूज को वर्चुअल झंडी दिखाकर डिब्रूगढ़ के लिए रवाना करेंगे। इस दौरान वाराणसी में सीएम योगी मौजूद रहेंगे। कोलकाता से जर्मनी और देशों के पर्यटकों को लेकर 22 दिसंबर को निकला क्रूज मंगलवार की सुबह वाराणसी पहुंचा। मौसम खराब होने की वजह से 3 दिन की देरी से क्रूज रामनगर के बंदरगाह पर आया। वहां से पर्यटकों को लेकर वाराणसी के संत रविदास घाट पर पहुंचेगा। रविदास घाट पर उसका भव्य स्वागत होगा। यहीं से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना भी होगा। दुनिया की सबसे लंबी रिवर जल मार्ग की अपनी यात्रा यह क्रूज 51 दिनों में पूरी करेगा। एडवेंचरस सफर पर निकलने वाला यह क्रूज 15 दिनों तक बांग्लादेश से गुजरेगा। इसके बाद असम के बह्मपुत्र नदी से डिब्रूगढ़ तक जाएगा। यह क्रूज यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम के कुल 27 रिवर सिस्टम से गुजरेगा। इसमें रास्ते में मुख्य तीन नदियां गंगा, मेघना और ब्रह्मपुत्र पड़ेंगी। क्रूज बंगाल में गंगा की सहायक और दूसरे नामों से प्रचलित भागीरथी, हुगली, बिद्यावती, मालटा, सुंदरवन रिवर सिस्टम के साथ ही बांग्लादेश में मेघना, पद्मा, जमुना और फिर भारत में ब्रह्मपुत्र से आसाम में प्रवेश करेगा। क्रूज से रवाना होने के लिए पर्यटकों का दल मंगलवार की सुबह वाराणसी के एयरपोर्ट पहुंचा। एयर इंडिया के विमान से वाराणसी पहुंचे 33 स्विस पर्यटकों के दल का स्वागत एयरपोर्ट पर धोबिया नृत्य और शहनाई के मधुर धुन पर किया गया। बाबतपुर से लग्जरी वाहन से पर्यटकों को रामनगर स्थित पोर्ट पर ले जाया गया। वहां से पर्यटकों ने क्रूज की सवारी शुरू की। रामनगर में क्रूज पर सवार होने के बाद शाम को पर्यटक रामनगर किले का भ्रमण करेंगे।
गंगा विलास क्रूज पहुंचा वाराणसी, सबसे लंबी यात्रा को 13 को रवाना करेंगे पीएम मोदी