कलियाबरः सोलंग स्थित हंस बोध आश्रम में दो दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के समापन दिवस पर आज भक्तों का जनसैलाब उमड़ा। कतारबद्ध होकर प्रेमियों ने सदगुरु देव सतपाल महाराज का दर्शन किया। सद्भावना सम्मेलन को संबोधित करते हुए मानव धर्म के प्रणेता सतपाल महाराज ने कहा कि कोरोना काल में देश को सुरक्षित रखने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अवदान काबिले तारीफ है। उन्होंने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सराहनीय कार्य के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन बड़े भाग्य से मिला है। इसलिए सद्गुरु के कृपा से मिली भगवद नाम की महिमा को जानकर भजन सुमिरन करने से ही जीवन धन्य होगा। उन्होंने असम के महान संत श्रीमंत शंकरदेव की चर्चा करते हुए कहा कि जिस ज्ञान की हम बात कर रहे हैं, उसी ज्ञान और भजन सुमिरन का प्रचार श्रीमंत शंकरदेव ने भी किया था। उन्होंने आगे सत्संग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माता गंगा का पानी धुला होता है जामुन का पानी नीला होता है। सरस्वती का पानी दिखाई नहीं देता। उनका ज्ञान समय के सद्गुरु साधु संत के द्वारा प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि तुलसीसाद ने चार राम की चर्चा की है। प्रथमों शालिग्राम है, दुजो पारश राम, तीजो राजा राम है, चौथो आत्म राम। अतः में नए वर्ष की शुभकामनाएं और आशीर्वाद देते हुए कहा कि सब सुखी रहें, सब निरोग रहें, सब दु आशीर्वाद। दूसरी ओर माता अमृता रावत ने भक्तों को नए वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि आप लोग धन्य हैं गुरु दरबार में सेवा कर रहे हैं। विभुजी महाराज ने कहा कि वर्ष के बाद सत्संग की प्राप्ति हो रही है। देश-विदेश से आए संत महात्मा ने सत्संग पर प्रकाश डाला, जिसकी जानकारी सोलंग के जोगेंद्र साह ने दी।
कलियाबर : दो दिवसीय सद्भावना सम्मेलन संपन्न
