हिंदू धर्म में सप्ताह के सात दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होते हैं। ऐसे में रविवार का दिन हिंदू धर्म में भी महत्व रखता है। रविवार का दिन भगवान सुर्यदेव को समर्पित है। यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों ही करते हैं। रविवार का व्रत बहुत ही फलदायी माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने का विधान है। रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करने से सुख-समृद्धि, धन और शत्रुओं से रक्षा होती है। रविवार का व्रत करने और कथा सुनने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आपको मान-सम्मान, धन-सम्पत्ति और यश तथा अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है। यह व्रत कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए भी रखा जाता है।

रविवार व्रत में पूजा विधि : रविवार का व्रत समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रेष्ठ है। इस व्रत की विधि इस प्रकार है। प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शांत रहें और सूर्य देव का स्मरण करें। एक बार से ज्यादा खाना नहीं खाना चाहिए। भोजन और फल सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ही खाना चाहिए। इसके बाद भगवान सूर्य की धूप और फूल से विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के बाद व्रत कथा सुनें। व्रत कथा सुनने के बाद आरती करें। उसके बाद सूर्य देव का स्मरण करते हुए सूर्य को जल देकर सात्विक भोजन और फल अर्पित करें। व्रत के दिन कभी भी नमकीन तेलयुक्त भोजन न करें। इस व्रत को करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और शत्रुओं का नाश होता है। आंख के दर्द के अलावा अन्य सभी दर्द दूर हो जाते हैं।

रविवार के व्रत में क्या न करें : तैलीय खाना नहीं खाना चाहिए। सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करना चाहिए। नमकीन खाना नहीं खाना चाहिए।