हम अपने लिए रोज़ाना कितनी मेहनत करते हैं। काम पर जाना, घर का काम करना और शॉपिंग वगैरह-वगैरह। हालांकि ये सारा काम हमारे खुद के लिए होता है, लेकिन अगर इसी रूटीन में हम कुछ अपने शहर का क्लाइमेट के लिए कर सकें, तो कितनी अच्छी बात हो। हमारे देश में तो नहीं लेकिन एक पश्चिमी देश में इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां लोग सिर्फ अपने रास्ते चलकर अपने शहर के लिए योगदान दे रहे हैं। ऐसा भी कहा जा सकता है कि चलते-चलते वे शहर के लिए एनर्जी पैदा कर रहे हैं। यूनाइटेड किंगडम के श्रॉपशायर में बने इस फुटपाथ पर जब लोग चलते हैं, तो उनकी एनर्जी से इसमें बिजली पैदा होती है। इस हाई टेक्नोलॉजी वाले बाउंसी फुटपाथ को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि लोगों की मेहनत सिर्फ उनके नहीं बल्कि शहर के भी काम आती है। श्रॉपशायर में बने एक हाई टेक्नोलॉजी फुटपाथ को इस तरह बनाया गया है कि इस पर लोगों के चलने से एनर्जी पैदा होती है।Telford and Werkin Council ने 6 मीटर लंबे इस स्मार्ट फुटपाथ जो तकनीक इस्तेमाल की है, उससे आराम से मोबाइल फोन या अन्य डिवाइस के चार्ज होने की एनर्जी बन जाती है। मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक अगर पैदल चलने वाले लोग जानना चाहते हैं कि उन्होंने कितनी बिजली बनाई, तो वे टेडफोर्ड सेंट्रल स्टेशन पर बने सोलर पावर्ड स्क्रीन पर देख सकते हैं। इस फुटपाथ को अक्तूबर में लॉन्च किया गया था, जो दुबई, मिलान और हॉन्ग कॉन्ग में चल रहे प्रोजेक्ट्स जैसा था। इसे रबर की टाइल्स और स्टेनलेस स्टील बनाया गया है। इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक जेनरेटर हैं, जो हर घंटे 2.1 वाट बिजली बनाते हैं। ये टेलफोर्ड और रेकिन काउंसिल के पर्यावरण बचाओ अभियान का हिस्सा है, जिस पर करोड़ों रुपए लगाए गए हैं। इसे लेकर ज्यादातर लोग खुश हैं, लेकिन कुछ लोग इसे पैसों की बर्बादी भी करार दे रहे हैं।