हिन्दू धर्म में नित पूजा को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। साथ ही इससे जुड़े नियमों का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान की आराधना से जीवन में सदैव खुशहाली आती है और सभी दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं। इसी प्रकार शास्त्रों में पूजा के दौरान फूलों के इस्तेमाल को भी बहुत ही अच्छा बताया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि फूलों के बिना किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य पूर्ण नहीं होते हैं। साथ ही इन्हें शुभता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इन सबमें भी गेंदे के फूल को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं गेंदे के फूल का महत्व।

गेंदे के फूल का महत्व : अधिकांश हिन्दू व्रत और त्योहारों में सबसे अधिक गेंदे के फूल का प्रयोग किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका संबंध बृहस्पति ग्रह से है, जिन्हें ज्ञान और बुद्धि का कारक माना जाता है। इसलिए गेंदे फूल को भी हिन्दू धर्म में ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। गेंदे के फूल का रंग हल्का पीला और केसरिया होता है। जिसे त्याग और तेज का भी रंग माना जाता है। साथ ही इसमें बहुत बीज होते हैं जिस वजह से इसे एकता का प्रतीक भी माना जाता है। भगवान विष्णु को गेंदे का फूल सर्वाधिक प्रिय है। इसलिए उनकी पूजा में गेंदे के फूल का उपयोग अनिवार्य माना जाता है। मान्यता है कि हर दिन गेंदे की माला भगवान विष्णु को अर्पित करने से परिवार और जीवन में शांति बनी रहती है। साथ ही संतान से संबंधित सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। पूजा में प्रथम देवता भगवान श्री गणेश को भी गेंदे का फूल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से सभी विघ्न दूर हो जाते हैं और परिवार में धन, बल व बुद्धि का आगमन होता है।