यूनाइटेट पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) का तृतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन कोकराझाड़ में संपन्न हो गया। इस अधिवेशन में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा, कृृषि मंत्री अतुल बोरा, मंत्री यूजी ब्रह्म एवं सिंचाई मंत्री अशोक सिंघल ने भाग लिया। इस अधिवेशन के दौरान यूपीपीएल की नई कमेटी का गठन हुआ, जिसमें बीटीसी प्रमुख प्रमोद बोड़ो को फिर से पार्टी का अध्यक्ष रनगवड़ा नर्जारी को कार्यकारी अध्यक्ष, राजकुमार नर्जारी को महासचिव (प्रशासन) तथा माधवचंद्र छेत्री को महासचिव (संगठन) का दायित्व दिया गया है। वर्ष 2015 में पीपुल्स कोर्डिनेशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट (पीसीडीआर) नामक संगठन से जो राजनीतिक मुहिम शुरू हुई वह आज यूपीपीएल तक पहुंची है। सर्वप्रथम यह संगठन जाति, धर्म एवं पंथ से ऊपर उठकर लोगों के कल्याण के लिए काम करने का निर्णय लिया था। आज वही यूपीपीएल बीटीआर में मजबूती के साथ अपना पैर जमा चुका है। यूपीपीएल के अधिवेशन में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि प्रमोद बोड़ो के नेतृत्व में यूपीपीएल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। धीरे-धीरे लोगों ने हग्रामा महिलारी के नेतृत्व वाले बीपीएफ को भुलाना शुरू कर दिया है। इस संगठन से निश्चित रूप से यूपीपीएल कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने अपने संबोधन में यूपीपीएल की सराहना करते हुए सुशासन के लिए प्रमोद बोड़ो को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यूपीपीएल के शासन के बाद बोड़ो बहुल क्षेत्र में शांति लौटी है। उन्होंने बीटीआर के विकास के लिए कई परियोजनाओं की घोषणा की, जिसमें कोकराझाड़ में स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए 150 करोड़ रुपए देना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरुसजाई के समान यहां भी एक खेल परिसर का निर्माण किया जाएगा ताकि यहां के युवाओं को खेल-कूद के प्रति जागरूक किया जा सके। 21 नवंबर के बाद जमीन के पट्टे के आवंटन का काम भी शुरू होगा। कोकराझाड़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य वर्ष 2023 तक पुरा हो जाएगा। इसी तरह तामुलपुर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अगले वर्ष शुरू हो जाएगा। उदालगुड़ी स्थित विश्वविद्यालय के द्वितीय कैंपस का निर्माण भी शुरू होगा। यूपीपीएल के त्रिवार्षिक अधिवेशन को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। इसको देखते हुए भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है। अधिवेशन के दौरान भाजपा, अगप तथा यूपीपीएल नेताओं की उपस्थिति यह दिखाने का प्रयास है कि गठबंधन के सभी घटक मजबूती के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में यह साफ कर दिया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कोकराझाड़ सीट यूपीपीएल के लिए छोड़ा जाएगा। बाकी के 13 सीटों पर भाजपा अपनी दावेदारी पेश करेगी। वर्ष 2020 में केंद्र और बोड़ो संगठनों के बीच तीसरा ऐतिहासिक बोड़ो समझौता हुआ था, जिसके तहत सभी बोड़ो संगठनों को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाने पर सहमति बनी थी। उसके बाद से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा असम सरकार बोड़ो लैंड के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करती रही है। प्रमोद बोड़ो के नेतृत्व वाली यूपीपीएल के सत्ता में आने के बाद बीटीआर में शांति का वातावरण बना है तथा विभिन्न जाति एवं धर्म के लोगों के बीच विश्वास का वातावरण पैदा हुआ है। असम सरकार के विभिन्न पदों पर बीटीआर के लोगों को प्रतिनिधित्व मिला है। विश्वजीत दैमारी को असम विधानसभा का अध्यक्ष बनाना इसका जीता-जागता उदाहरण है। इससे पहले बीटीआर में सांप्रदायिक संघर्ष की अनेक घटनाएं हो चुकी थीं। यूपीपीएल के अधिवेशन के दौरान बीटीआर क्षेत्र में रहने वाले विभिन्न जनगोष्ठी, भाषाई एवं धार्मिक समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए विभिन्न समुदायों के लिए क्रमवार तरीके से विकास बोर्ड के गठन का भी निर्णय लिया गया। इससे सभी जातियों के विकास को प्राथमिकता मिलेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इस अधिवेशन के दौरान बीटीआर क्षेत्र में बच्चों के लिए मित्रवत वातावरण बनाने का निर्णय लिया गया है, जो सराहनीय कदम है। कुल मिलाकर यूपीपीएल का अधिवेशन बीटीआर क्षेत्र में विकास के साथ-साथ राजनीतिक स्थिरता भी प्रदान करेगा, जो असम के हित में है।
यूपीपीएल का त्रिवार्षिक अधिवेशन
