सोमवार को दीपावली है, यह अंधकार पर प्रकाश की जीत का त्योहार है। अन्याय पर न्याय के विजय का प्रतीक है। पिछले दो-तीन सालों तक कोरोना के प्रभाव के कारण दीपावली का जश्न उस तरह नहीं मनाया गया,जिस तरह से पहले मनाया जाता था। फिलहाल उसका खतरा बरकरार है, इसकी चौथी लहर मुहाने पर खड़ी है। कहा जा रहा है कि ओमिक्रोन का नया वैरिएंट जानलेवा है, इसलिए जरूरी है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दीपावली का आयोजन किया जाए। दीपावली को लेकर बाजारों में चहल-पहल है। भीड़ बढ़ती हुई देखी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ देश में कोरोना के मामलों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दुनिया के कई हिस्सों से कोरोना के बढ़ते मामलों की खबरें सामने आ रही हैं, इसे देखते हुए सभी लोगों को त्योहार के इस मौसम में कोरोना से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना महामारी की चौथी लहर अभी भी एक बड़ी चिंता है, इसलिए स्वास्थ्य या सुरक्षा से समझौता किए बिना दीपावली मनाने के लिए उचित सावधानी बरतनी अनिवार्य है। अगर त्योहारों के मौसम में जरा-सी भी लापरवाही बरती गई तो कोरोना एक बार फिर से उग्र रूप ले सकता है। ऐसे में कोरोना से बचाव करते हुए दीपावली के त्योहार को मनाया जा सकता है? दीपावली के लिए खरीदारी करना हो या त्योहार मनाना, सभी लोगों को हमेशा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। दीपावली के मौसम में बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए कोरोना से सुरक्षित रहा जा सकता है। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए एक दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती उपायों में मास्क लगाना सबसे आवश्यक है। यह न सिर्फ आपको कोरोना से सुरक्षित रखेगा साथ ही पटाखों से निकलने वाले धुएं से होने वाले खतरे को भी कम करने में सहायता करेगा। बाजार जाते समय या दीपावली मनाते वक्त हमेशा मास्क लगाकर रखें। त्योहारों के इस मौसम में हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। विशेषकर बाजार में सामान खरीदने के बाद या लोगों से मिलने के बाद हाथों को अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से अच्छी तरह से साफ करें। एक बात का ध्यान रखें कि सैनिटाइजर अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं, ऐसे में मोमबत्ती या दीया जलाने से पहले सैनिटाइजर न लगाएं। कोरोना के इस दौर में सुरक्षित रहने के लिए वैक्सीनेशन सबसे आवश्यक है। दीपावली के मौसम में भीड़-भाड़ बढ़ जाती है, ऐसे में इससे पहले ही टीकाकरण करा लें। टीकाकरण आपको कोविड-19 की गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने में मदद करेगा। जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है उन्हें भी दीपावली में कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन करना चाहिए। सबसे खतरनाक बात यह है कि लोग दीपावली को लेकर बेखौफ हो गए हैं। आमतौर पर लोगों को लग रहा है कि कोरोना की विदाई हो चुकी है,उसका खतरा टल गया है। अब कोरोना बोलकर कोई चीज शेष नहीं है। यदि कोई ऐसा सोच रहा है तो वह गलती कर रहा है,उसकी जानकारी आधी-अधूरी है। कोरोना अभी कहीं भी नहीं गया है। वर्तमान में उसके खतरे बरकरार हैं। पड़ोसी देश चीन में कई स्थानों पर हाल ही में लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। भारत में अभी भी लगातार इसके रोगी मिल रहे हैं। इसलिए हमें भूल-भुलैया में रहने की जरूरत नहीं है। हम त्योहार का जश्न जरूर मनाएं,परंतु ऐसा सबकुछ कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए करें। यदि हमें स्वस्थ रहना है तो कोरोना प्रोटोकॉल को जीवन का अभिन्न अंग बनाना पड़ेगा। यदि हम समय रहते नहीं चेते तो स्थिति पहले से भी भयावह होगी और इसके लिए हमारे सिवाय और कोई जिम्मेवार नहीं होगा।
दीपावली और कोरोना
