अगरतलाः रोशनी का त्योहार दीपावली आने के साथ ही मिट्टी के कारीगर इन दिनों मिट्टी के दीये बनाने में काफी व्यस्त हैं। त्रिपुरा के नंदन नगर के मिट्टी के कलाकार अभी भी दिवाली से पहले प्रति परिवार 40 से 50 हजार दीये का उत्पादन कर रहे हैं। उनका कहना है कि तमाम बाधाओं के बावजूद दीपावली के मौसम में अभी भी मिट्टी के दीयों की बाजार में अच्छी पकड़ है। लेकिन क्षेत्र के मिट्टी के कारीगरों के लिए असली चिंता कच्ची मिट्टी महंगी दर पर मिलना है। मिट्टी के कारीगर सुमन पॉल ने कहा- ‘पांच साल पहले हमें स्थानीय भूमि से ही मिट्टी मिल जाती थी, खेत के मालिक को कुछ भुगतान के एवज में हम मिट्टी खुद ही लाते थे। अब हमें इसे आनंदनगर से खरीदना होगा। एक ट्रक से लदी मिट्टी के लिए हम 1,000 रुपए से 2,000 रुपए का भुगतान कर रहे हैं।