टिहूः असम साहित्य सभा के अंतर्गत टिहू साहित्य सभा का 66वॉ स्थापना दिवस आज टिसास के कार्यालय प्रांगण में मनाया गया। इस अवसर पर सुबह झंडोत्तोलन करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ टिसास के अध्यक्ष शंकर कुमार दास ने किया। दीप प्रज्ज्वलन उपाध्यक्ष भवेश चंद्र दास और स्मृति तर्पण क्रमशः टिसास के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डेका, महेश चंद्र शर्मा और दशरथ पाठक ने किया। साहित्य सेवी निजरा देवी द्वारा लिखित उपन्यास आइर आचलत धरि का विमोचन करते हुए लेखक प्रमोद चंद्र बर्मन ने असमिया भाषा लिखने पर हुई व्याकरण के गलतियों के बारे में व्याख्यान दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेते हुए राजीव हरि कौशिक ने असमिया जातीय संगीत के इतिहास और व्यवहार के बारे में व्याख्यान दिया। नजिसास के पूर्व अध्यक्ष करुणा कांत कलिता द्वारा उद्घाटन की गई सभा के उद्देश्य की व्याख्या सचिव हेमेन राजवंशी ने की। इस अवसर पर टिहू के विशिष्ट पत्रकार सं प्रानकृष्ण दास, व्यवसायी सं उदय चंद्र कलिता और टिसास के पूर्व अध्यक्ष सं चाणक्य चरण कलिता के बारे में क्रमशः अजित कुमार शर्मा, भवेश चंद्र दास और टिहू नगर पालिका के उपाध्यक्ष डॉ. सुरजित बर्मन ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। वहीं कलाकार हेमंत तालुकदार और जाह्नवी कलिता ने गीत प्रस्तुत किया। उक्त कार्यक्रम के दौरान गत मैट्रिक परीक्षा में आठवें और हायर सेकेंडरी में नौवें स्थान प्राप्त करने वाले हर्षित बर्मन और सप्त ऋषि कलिता को टिसास की ओर से फुलाम गामोछा, मान-पत्र आदि से अभिनंदन किया गया। वहीं अंत में टिसास के सचिव एवं टिहू कॉलेज के प्राध्यापक हेमेन राजवंशी ने उपस्थित सभी लोगों को धन्यवाद ज्ञापन किया।