गुवाहाटीः मानव वृक्ष को भले की कुछ नहीं दे, परंतु वृक्ष हमें छाया, शीतलता, फल, लकड़ियों के साथ ऑक्जीन प्रदान करते हैं। यह हमारे लिए कितना उपयोग है इसका प्रमाण कोरोना महामारी के काल में देख चुके है। इसके बावजूद लोग पौधारोपण के एवं बचाव के बजाय अपने स्थार्थ के लिए भवन निर्माण के नाम पर पेड़ों की कटाई कर रहा है। नगर के एक जागरूक नागरिक देवकांत दास अपनीे अनोखी पहल के जरिए राज्यवासियों को पौधों के साथ पेड़ों का संरक्षण देने का संदेश दे रहे हैं। दास ने गत 9 अक्तूर 2004 में बट व पिपल वृक्ष की शादी करवाई थी, आज उक्त बट वृक्ष व पिपल वृक्ष की शादी की 19वीं साल गिरह बड़े ही धूम धाम से मनाई गई। इस मौके पर दुल्हे के रूप में बट वृक्ष तथा दुल्हन के रूप में सजी पिपल खूब जंच रहे थे। इस मौके पर मांगलिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। वहीं बारातियों तथा पड़ोसियों को प्रीतिभोज भी कराया गया। नगर के नरकासुर पहाड़ स्थित महेश और त्रिधारी आश्रम स्थान भंगागढ़ के टीवी टावर मोहीनी चौक के पास यह बट व पिपल का वृक्ष है। दास का कहना है कि मैं वर्षों पहले एक बट का छोटा सा पौधा लगाया था। इसी स्थान पर एक पिपल का पौधा भी बड़ा होने लगा। कामाख्या भ्रमण पर आए एक साधु बाबा ने कहा कि दोनों की शादी करवाना बहुत फलदाई होगा।
वट व पीपल वृक्ष की मनी 19वीं सालगिरह