माजुली : लंबे इंतजार के बाद माजुली वासियों के सपनोंके पुल का काम आज फिर से शुरू किया गया है। लगभग छह महीने बाद निर्माता प्रतिष्ठान ने जोरहाट-माजुली संयोगी पुल का काम पुनः शुरू किया। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस बार पुल निर्माण के काम में न कोई गफलत होगी और न ही कोई धांधली। मालूम हो कि पिछले वर्ष नवंबर महीने में माजुली के दक्षिणपाट में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने इस पुल के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि वर्ष 2026 के भीतर माजुली-जोरहाट संयोगी पुल का निर्माण-कार्य पूर्ण हो जाएगा। इतना ही नहीं, जब-जब वे माजुली पहुंचे, हर बार उन्होंने इसी वादे को दोहराया और यह भी कहा था कि पुल बनने के बाद वे गुवाहाटी से फ्लाइट के जरिए जोरहाट उतरेंगे और जोरहाट में अल्पाहार ग्रहण कर माजुली-जोरहाट संयोगी पुल से माजुली जाएंगे और वहां दोपहर के भोजन के बाद माजुली-लखीमपुर पुल के रास्ते आगे निकल जाएंगे। लेकिन माजुली वासियों का यह सपना उस वक्त टूट गया था, जब पुल के निर्माण को लेकर तैयार किए गए दो खंभों में तकनीकी खराबी के कारण दरारें आ गई थी। इसे लेकर माजुली सहित राज्यभर में तीखी प्रतिक्रिया देखी गई। केंद्र व राज्य सरकार तथा निर्माता प्रतिष्ठान के विरोध में माजुली में कई बार विरोध-प्रदर्शन भी हुआ। माजुली वासियों को लगा कि निर्माता प्रतिष्ठान की गफलत के कारण इतने बड़े प्रोजेक्ट की शुरूआत में ही खामियां निकलनी शुरू हो गई। जब खंभे में दरारें देखी गई तो माजुलीवासी पुनः चिंतित हो गए और उन्हें लगा कि शायद उनका सपना सिर्फ सपना ही बनकर रह जाएगा। इस घटना के बारे में राज्य के विभिन्न समाचार पत्र सहित पूर्वांचल प्रहरी ने भी प्राथमिकता के साथ इस मुद्दे को उठाया। माजुली वासियों तथा स्थानीय दल-संगठनों के विरोध के कारण निर्माता प्रतिष्ठान को इस तरह के निम्न स्तरीय कार्य को बंद करना पड़ा। वहीं दूसरी तरफ इस घटना को लेकर केंद्र व राज्य सरकार ने कहा था कि विशेषज्ञों द्वारा इस निर्माण-कार्य में हो रही विसंगतियों के बारे में उचित जांच की जाएगी। लेकिन आज तक इस जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर माजुली सहित राज्य के लोगों ने संदेह जताया है। इसके बाद आज पुनः काम शुरू होने पर माजुली स्थित दक्षिणपाट सत्र के सत्राधिकार जर्नादन देव गोस्वामी ने इसे शुभ संकेत बताया है और जल्द ही इस पुल का निर्माण-कार्य संपूर्ण करने के लिए संबंधित विभाग व सरकार को अनुरोध किया। उल्लेखनीय है कि छह महीने पहले पुल के निर्माण में हुई विसंगतियों के बाद जिला उपायुक्त पुलक महंत, स्थानीय सांसद व विधायक ने मौके पर उपस्थित होकर निर्माता प्रतिष्ठान को निर्माण-कार्य बंद करने का निर्देश दिया था। वहीं हाल ही में माजुली की प्रतिभावान गायिका तेजस्विता बरुवा की मौत को लेकर जिले का सामाजिक माहौल गर्म देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस मुद्दे से लोगों को भटकाने के लिए सरकार ने माजुली-जोरहाट संयोगी पुल का निर्माण-कार्य फिर से शुरू किया है। इधर पुल के निर्माता प्रतिष्ठान उत्तर प्रदेश स्टेट ब्रिज कॉर्पोरेशन के कार्य पर माजुली वासी बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। उल्लेखनीय है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय मंत्री तथा माजुली के तत्कालीन विधायक सर्वानंद सोनोवाल के कार्यकाल में माजुली वासियों को यह सपना दिखाया गया था।