राज्य में इन दिनों कोविड महामारी ने भयावह रूप धारण कर लिया है। शहर-नगर व गांव समेत चारों तरफ यह सामाजिक संक्रमण का रूप ले चुका है। रोजाना पांच हजार लोग कोविड से संक्रमित होने के विपरीत लगभग 50 मरीजों की मौत हो रही है। ऐसी स्थिति में अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए आईसीयू तथा साधारण बेड की कमी दिखाई पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर वैक्सीन की किल्लत से राज्य के चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने दावा किया था कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में कोविड वैक्सीन मौजूद है। उनके दावे के विपरीत वैक्सीन की तलाश में लोगों का वैक्सीन सेंटरों में तांता लगा हुआ है। सरकारी तथ्य के अनुसार राज्य के 45 उम्र से अधिक 8.91 प्रतिशत लोगों को ही अब तक वैक्सीन दी गई है। वैक्सीन न होने के कारण विभिन्न केंद्रों में रोजाना कम संख्यक वैक्सीन मुहैया कराए जाने की व्यवस्था से लोग परेशान हो रहे हैं। वैक्सीन की पहली खुराक लगाने वाले कई लोगों को दूसरी खुराक नहीं मिल रही है। खासकर वैक्सीन के लिए 18 साल से अधिक उम्र के लोग अधिक परेशान हो रहे हैं। वैक्सीन के समानांतर अस्पतालों में बेड की कमी से भी स्थिति भयानक बनी हुई है। जीएमसीएच में सिर्फ गंभीर हालात के मरीजों को ही भर्ती कराने का नियम तय कर दिया गया है।