मोहाली के निजी विश्वविद्यालय में एक छात्रा द्वारा अपने ब्वाय फ्रेंड को  भेजे गए अश्लील वीडियो को लेकर बवाल मचा हुआ है। उस विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। अश्लील वीडियो भेजने के मामले को लेकर छात्राओं तथा उनके अभिभावकों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। छात्राओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन तथा विश्वविद्यालय प्रबंधन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। पंजाब सरकार इस मामले को लेकर काफी दबाव में है। देश भर में इस घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। पहले तो पुलिस ने इस मामले को हल्के अंदाज में दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास किया। लेकिन बढ़ते विरोध के बाद आरोपी छात्रा सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी छात्रा के ब्वाय फ्रेंड तथा उसके एक दोस्त को शिमला से गिरफ्तार किया गया है। लापरवाही बरतने के आरोप में दो वार्डन को भी निलंबित कर दिया गया है तथा घटना की जांच के लिए वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। ऐसी खबर है कि विश्वविद्यालय की दो-तीन छात्राओं ने भय के कारण आत्महत्या करने का प्रयास किया, किंतु पुलिस इससे इनकार कर रही है। विरोध प्रदर्शन करने वाले कुछ छात्राओं को भारत के बाहर से मिल रही धमकी गंभीर चिंता का विषय है। इस घटना का अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन होने की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता है। छात्राओं के बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 24 सितंबर तक छुट्टी घोषित कर दी है। राष्ट्रीय महिला आयोग एवं पंजाब महिला आयोग ने इस घटना की कड़ाई जांच करने की मांग की है ताकि पूरा मामला सामने आ सके। पहले पुलिस ने कहा था कि केवल आरोपी छात्रा ने ही अपना अश्लील वीडियो बनाकर अपने ब्वाय फ्रेंड को भेजा। लेकिन अब आरोपी छात्रा की मोबाइल की जांच करने के बाद पुलिस को अभी तक 12 वीडियो हाथ लगे हैं। जब्त किए गए उसके लैपटॉप की भी जांच की जा रही है। इस घटना के तार गुजरात एवं मुंबई से जुड़े होने का  अंदेशा है। इस पूरे मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। जहां आम आदमी पार्टी इस मामले को साधारण घटना बता रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां पंजाब सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन पर हमलावर है। मोहाली के निजी विश्वविद्यालय में हुई यह घटना निश्चित रूप गंभीर मामला है।  इस घटना से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए तथा इसके पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होना चाहिए। देश के दूसरे विश्वविद्यालय में इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। इसको देखते हुए दूसरे विश्वविद्यालयों को भी इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस प्रशासन को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए।