कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के तेजी से प्रसार को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से रंगाली बिहू को लेकर जारी एसओपी बिहू आयोजन समितियों को नागवार गुजर रही हैं। आयोजन समितियां सरकार के खिलाफ बगावत के मूड में दिख रही हैं। राज्य सरकार को चौबीस घंटों का अल्टीमेटम देते हुए रंगाली बिहू आयोजन समितियों ने मांग की है कि सरकार रंगाली बिहू समारोहों को लेकर जारी दिशानिर्देशों को वापस ले या फिर समारोहों को रद्द करने का निर्देश जारी करे। आयोजन के लिए महज दो दिन का समय शेष रहते अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए बृहत्तर गुवाहाटी बिहू सन्मिलन समन्वयरक्षी समिति ने रविवार को लताशील मैदान में धरना दिया और सरकार की तरफ से जारी दिशानिर्देशों की खिलाफत की अपनी मंशा स्पष्ट की। समिति ने कहा कि सरकार या तो अपने दिशानिर्देशों में ढिलाई दे या फिर रंगाली बिहू समारोहों को रद्द करने का निर्देश जारी करे। इस मौके पर रंगाली बिहू के लिए राज्य सरकार की तरफ से जारी एसओपी का विरोध करते हुए समिति के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए समिति के सलाहकार कैलाश शर्मा ने कहा कि सरकार या तो दिशानिर्देशों को रद्द कर नए दिशानिर्देश जारी करे। उन्होंने कहा कि दो दिन का समय शेष रहते रहें कोविड की जांच करवाएं या फिर पंडालों आदि का निर्माण करवाएं ? उन्होंने कहा कि चूंकि यहां किसी प्रकार का निषेधाज्ञा लागू नहीं है, इसलिए इस तरह के एसओपी की गुवाहाटी में कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आयोजन समितियां पहले से ही वित्तीय किल्लत से जूझ रही हैं। इसलिए सभी रंगाली बिहू पंडालों में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था सरकार की तरफ से की जानी चाहिए। इस मौके पर समन्वयरक्षी समिति के अध्यक्ष प्रणवज्योति गोस्वामी ने भी सरकार से जारी एसओपी में बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय सरकार को किसी कोविड प्रोटोकॉल की याद नहीं आई या जरूरत महसूस नहीं हुई। लेकिन रंगाली बिहू जैसे जातिय उत्सव के समय उसे इसकी ठीक याद आ गई। उन्होंने कहा कि कोविड के रोकथाम के लिए जरूरी सभी व्यवस्थाएं व विकल्प सरकार की तरफ से की जानी चाहिए। सरकार की तरफ से जारी एसओपी को श्री गोस्वामी ने उसकी हठधर्मिता बताया और कहा कि सरकार या तो अपने दिशानिर्देशों में ढिलाई दे या फिर रंगाली बिहू समारोहों को रद्द करने का निर्देश जारी करे।