भांगड़ा की थाप से लेकर भारतीय मूल के गायक स्टीवन कपूर के दिलकश प्रदर्शन के साथ इंग्लैंड के अलेक्जेंडर स्टेडियम में राष्ट्रमंडल खेलों का समापन हो गया। 11 दिन तक चले इन खेलों में 72 देशों के 4,500 से अधिक खिलाडिय़ों ने भाग लिया। भारत ने बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 22 स्वर्ण सहित कुल 61 पदक जीत कर अपना पांचवां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारतीय निशानेबाजी के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल नहीं होने के बावजूद भारत 61 पदक जीतने में सफल रहा। आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सन्ï 2010 में नई दिल्ली में किया था। उस खेल में भारत ने 38 स्वर्ण पदक सहित कुल 101 पदक जीते थे। निशानेबाजी को बाहर किए जाने के बावजूद भारत ने एथलेटिक्स और लॉन बॉल्स में शानदार खेल का प्रदर्शन किया। इन्हीं दो खेलों के कारण भारत चौथा स्थान हासिल करने में सफल रहा। गोल्ड कोस्ट में खेले गए पिछले राष्ट्रमंडलों में भारत के 66 पदकों में लगभग 25 प्रतिशत पदक निशानेबाजी से आए थे। इसीलिए माना जा रहा था कि भारत बर्मिंघम में मुश्किल से 50 पदकों की संख्या को छू पाएगा। भारत में ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में 8 पदक जीते जो कि इन खेलों में विदेशों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। एल्घोस पॉल और अब्दुल्ला अबुबकर पुरुषों की त्रिकूद में पहले दो स्थान हासिल किए। अविनाश साबले ने 3000 मीटर स्ट्रीपल चेज में रजत पदक एवं तेजस्विनी शंकर ने ऊंची कूद में कांस्य पदक हासिल किया। ऊंची कूद में पहली बार भारत को पदक मिला है। अनु रानी ने भी भाला फेंक में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रचा। प्रियंका गोस्वामी एवं संदीप कुमार ने 10,000 मीटर पैदल चाल में पदक हासिल किए। नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति के बावजूद भारत एथलेटिक्स में 8 पदक जीतने में सफल रहा। भारत ने लॉन बॉल्स में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा। भारतीयों के लिए अभी तक यह खेल अनजान रहा था। पुरुषों की चौकड़ी ने भी इस खेल में रजत जीतकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में अपना दबदबा फिर से बरकरार रखा। सभी 12 भार वर्गों में पदक जीते, जिसमें छह स्वर्ण पदक शामिल हैं। ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया और बजरंग पुनिया के लिए स्वर्ण पदक जीतना आसान रहा, जबकि साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने भी खराब दौर से उबर कर शानदार वापसी की। भारत ने जूडो में तीन पदक जीते। कुश्ती के बाद टेबल टेनिस में सर्वाधिक चार पदक जीते। अचिंता शरत कमल ने 40 साल की उम्र में तीन स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में अपने कुल पदकों की संख्या 13 तक पहुंचा दी। पारालंपिक खेलों की पदक विजेता भावना पटेल ने भी इस खेल में स्वर्ण पदक जीता। भारत में बैंडमिंटन में तीन स्वर्ण पदक मिले। भारतीय सुपर स्टार पीवी सिंधू ने पहली बार इन खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया। मुक्केबाजी में नीतू ने महिलाओं के 48 कि.ग्रा. और अमित पंघाल ने पुरुषों के 51 कि.ग्रा. में स्वर्ण पदक जीते। महिला क्रिकेट टीम ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में एक अच्छी स्थिति के बावजूद केवल रजत पदक हासिल कर सकी। कुल मिलाकर राष्ट्रमंडल खेलों में भारत प्रदर्शन शानदार रहा।