चबुवाः डिब्रू-सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान में वन विभाग की लापरवाही के चलते धड़ल्ले से हरे पेड़ो की कटाई जारी है। लगातार वन माफियाओं द्वारा पेड़ काटकर डिब्रू एवं ब्रह्मपुत्र नद के रास्ते काठ के कुंदे की तस्करी किए जाने के बाद भी वन विभाग इस अवैध कारोबारियों के खिलाफ शिकंजा कसने में असफल साबित हो रहा है। साथ ही प्रशासन भी इस तरफ अनदेखी कर रहा है। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय उद्यान में पेड़ों को लकड़ी माफिया थोड़ा-थोड़ा कर किश्तों में काटते हैं, जिससे पेड़ तो खड़े रहते हंै, लेकिन धीरे-धीरे सूखते जाते हैं। अंत में कई दिन बाद वन विभाग की उदासीनता का फायदा उठाकर रात में उक्त पेड़ को काटकर गिरा देने के बाद रस्सी के सहारे बांध कर डिब्रू एवं ब्रह्मपुत्र नद के रास्ते अवैध आरा मशीन के मील तक पहुंचा दिया जाता है। वर्तमान इन वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिन में भी नदी मार्ग से काठ की तस्करी खुलेआम बिना किसी रोक टोक के जारी है। इस विषय में स्थानीय दल-संगठनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वन विभाग के कुछ अधिकारी एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से वन माफिया इस अवैध कारोबार करते आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हर साल सरकार व प्रशासन हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधारपण अभियान चलाकर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन उसकी सुरक्षा के लिए संबधित विभाग ही लापरवाही बरतती है।