नई दिल्ली/मुंबई: डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट जारी है। बुधवार को यह गिरकर पहली बार 80 के पार पहुंचकर बंद हुआ। घरेलू मुद्रा में जारी गिरावट को थामने के लिए आरबीआई कुल विदेशी मुद्रा भंडार का छठा हिस्सा यानी 100 अरब डॉलर बेचेगा। इस कदम से केंद्रीय बैंक 4 महीने तक रुपए की गिरावट को थाम सकता है। रुपया इस साल जनवरी से अब तक 7 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। सूत्रों का कहना है कि आरबीआई अगर गिरावट को नहीं थामता है तो रुपया आगे और कमजोर हो सकता है। ऐसे में घरेलू मुद्रा को समर्थन देने के लिए केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार से 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा बेच सकता है। सूत्रों ने कहा कि रुपए में गिरावट वैश्विक स्तर की स्थितियों के अनुरूप है। आरबीआई इस गिरावट को जल्द थामने की कोशिश नहीं करता है। हालांकि, उसके पास इतने साधन हैं कि वह कभी भी इसे रोक सकता है। जरूरत पडऩे पर ज्यादा डॉलर बेच सकता है। रुपए के मूल्य में अभी और गिरावट आनी बाकी है। हालांकि, आरबीआई के उठाए गए हालिया कदम से घरेलू मुद्रा को कुछ हद तक मदद मिल सकती है। एक व्यापारी ने कहा कि अमरीका की सख्त नीतियों से आशंका है कि रुपया गिरकर 84-85 तक जा सकता है। सरकार और आरबीआई विदेशी निवेशकों की वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि एक माह में विदेशी निवेशक वापस आ जाएंगे। हालांकि, सिंगापुर के व्यापारी ने कहा कि ब्याज दरें काफी ऊपर हैं। ऐसे में विदेशी निवेशकों की तेजी से भारत आने की संभावना बहुत कम है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपए में आई कमी दुनिया की अन्य मुद्राओं में आई गिरावट की तुलना में कहीं कम है। रुपए एवं अन्य मुद्राओं में आई गिरावट के लिए अमरीकी फेडरल रिजर्व की आक्रामक मौद्रिक नीतियां जिम्मेदार हैं। फेडरल रिजर्व के सख्त रवैए से उभरती अर्थव्यवस्थाओं से विदेशी पूंजी निकासी हो रही है। आरबीआई थोक और खुदरा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के क्रियान्वयन को लेकर काम कर रहा है। आरबीआई के कार्यकारी निदेशक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) अजय कुमार चौधरी ने को कहा कि  सीबीडीसी डिजिटल मुद्रा है। हालांकि, इसकी निजी डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टोकरेंसी से तुलना नहीं हो सकती है, जो पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी है। उद्योग मंडल फिक्की के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश की आधिकारिक डिजिटल मुद्रा 2023 की शुरुआत में पेश हो सकती है।