आज समग्र विश्व ग्लोबल वार्मिंग की समस्या का सामना कर रहा है। ऐसे में पर्यावरण बचाने और खास तौर पर पौधरोपण के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रेरित करने के लिए आगरा के निवासी और वायु सेना के जवान अशोक कुमार ने अनोखा रास्ता अपनाया है। उन्होंने समग्र भारत की परिक्रमा कर मार्ग में आने वाले सभी राज्यों, विभिन्न धर्मों के तीर्थ स्थलों, शहीद स्मारकों से मिट्टी जमा की है। इस मिट्टी में पौधा लगाकर ‘देश की मिट्टी के साथ पौधा’ अभियान से लोगों को पौधा भेंट देकर पौधरोपण के लिए प्रेरित करने का निर्णय लिया है। अशोक और उनकी पत्नी नीतू ने अपनी कार में भोजन बनाने की सामग्री और टेंट जैसी आवश्यक वस्तुएं साथ लेकर लगभग 17 हजार किलोमीटर की इस परिक्रमा का प्रारंभ मुम्बई से गत 18 अप्रेल को किया था। भारत की परिक्रमा कर मिट्टी जमा करने के संकल्प के साथ आरंभ की गई इस परिक्रमा का संपूर्ण खर्च स्वयं उठाकर प्रतिदिन 600 किलोमीटर का प्रवास तय किया। रास्ते में जहां भी सुविधा मिली, वहीं पर टेंट बांधकर रातें बिताईं। रास्ते में आने वाले सभी महत्वपूर्ण स्थलों, तीर्थ स्थलों और वॉर मेमोरियल जाकर वहां की मिट्टी स्थानीय लोगों से स्वीकार की। इस यात्रा के दौरान उन्होंने लेह में दुनिया के सबसे ऊंचे सडक़ मार्ग खारदुंगला- पास से भी मिट्टी हासिल की। द्रास सेक्टर में कारगिल वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां के स्थानीय लोगों के हाथ से मिट्टी स्वीकार की। वाघा बॉर्डर से भी मिट्टी ली। इस दौरान रास्ते में आने वाले सभी विद्यालयों के विद्यार्थियो को पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण का संदेश दिया। यह दंपति परिक्रमा के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ते हुए मुंबई पहुंचने से पहले विश्व पर्यावरण दिवस पर गुजरात के अतिथि बने। उन्होंने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात कर उनके हाथों गुजरात की पवित्र भूमि की मिट्टी स्वीकार की और पौधरोपण के लिए समग्र जीवन समर्पित करने का उनका संकल्प जताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पौधे में ईश्वर के दर्शन करना हमारी संस्कृति है। पौधे को रोपकर उसे भगवान भरोसे छोड़ देने से वह बड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद पौधे के विकास के लिए पर्याप्त ख्याल रखा जाना आवश्यक है।
पौधारोपण के लिए वायु सेना के जवान की अनोखी पहल