नई दिल्ली: आरबीआई ने बैंकों को भारतीय मुद्रा में आयात एवं निर्यात के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने का सोमवार को निर्देश दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से डॉलर समेत अन्य विदेशी मुद्राओं की तुलना में रुपए में मजबूती आएगी जिससे आयात सस्ता होगा। रिजर्व बैंक ने एक परिपत्र में कहा कि बैंकों को यह व्यवस्था लागू करने के पहले उसके विदेशी मुद्रा विभाग से पूर्व-अनुमति लेना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ प्रणव सेन ने बताया कि इस फैसले से लंबे समय में भारत की डॉलर पर निर्भरता घटेगी। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से होने वाली आर्थिक चुनौतियों से भी निपटना आसान हो जाएगा। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि शुरू में ये चुनौती जरूर होगी कि दूसरे देशों के पास रुपए का भंडार उतना है कि नहीं जिससे कारोबार किया जा सके। रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते डॉलर के मुकाबले रुपए में मजबूती लाने के लिए विदेशी कोषों की आवक बढ़ाने के लिए विदेशी उधारी की सीमा बढ़ाने और सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश के मानक उदार बनाने की घोषणा की थी। इसके पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि रुपए की चाल पर सतर्क नजर रखे हुए हैं। आईआईएफएल के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि इस कदम से रुपया मजबूत होगा जिससे आयात सस्ता होगा। उन्होंने कहा कि भारत 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। यदि रुपया मजबूत होगा तो तेल के लिए कम राशि का भुगतान करना होगा जिससे तेल सस्ता होगा और इससे पेट्रोल-डीजल के दाम भी घट सकते हैं। व्यापार सौदों के लिए संबंधित बैंकों को साझेदार कारोबारी देश के अभिकर्ता बैंक के विशेष रुपया वोस्ट्रो खातों की जरूरत होगी। भारतीय आयातकों को विदेशी विक्रेता से वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के बिल के एवज में रुपए में भुगतान करना होगा जिसे उस देश के अभिकर्ता बैंक के खास वोस्ट्रो खाते में जमा किया जाएगा।