राजस्थान के जालौर जिले के रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में पर्यावरण को बचाने के लिए वन विभाग ने अनोखी पहल की है। वन विभाग ने किसानों के लिए 70 हजार पौधे एवं अन्य विभागों के लिए 1 लाख 5 हजार पौधे तैयार किए। जिसमें 15 हजार नीम, बरगद,पीपल के पौधे एवं 10 हजार पिलखन, कुसुम, खेजड़ी, बेर, झामुन, बड़, आंवला, सरगुड़ा, गुन्दा, अनार, बेल सहित कई प्रकार के पौधे है। इसके अलावा 30 हजार फलदायक पौधे तैयार किए गए है। विभाग की इस पहल से क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी एवं क्षेत्र हरा-भरा नजर आएगा। इन पौधे से प्रदूषण में कमी नजर आएगी एवं क्षेत्र में बन रही नई सडक़ों के किनारे पर भी पौधे लगाए जाएंगे। पर्यावरण को बचाने के लिए नर्सरी में विभाग द्वारा पौधों को तैयार करने के साथ उनकी देख भाल की जा रही है। इन पौधों के वितरण का कार्य वन विभाग द्वारा 1 जुलाई से शुरू किया जाएगा। जब गर्मी का असर कम होने लगेगा तब वन विभाग द्वारा यहां पौधे लगाने का अभियान शुरू किया जाएगा। इस साल वन विभाग ने रानीवाड़ा रेंज की नर्सरियों में किसानों के लिए 70 हजार पौधे तैयार किए गए हैं। इन विभागों के लिए 1 लाख 5 हजार पौधे तैयार किए गए। इनमें छायादार, इमारती, ईंधन, सजावटी और फलदार पौधे शामिल हैं। प्री-मानसून शुरू होते ही इन पौधों को सार्वजनिक स्थानों पर लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इन पौधों से हरियाली बढ़ेगी, जिससे प्रदूषण स्तर कम होगा। वन अधिकारी श्रीराम बिश्नोई ने बताया कि इस रेंज की नर्सरी में कुल 70 हजार पौधे तैयार किए गए है। इसकी संख्या इस साल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। वहीं अन्य विभागों के लिए कुल 1लाख 5 हजार पौधे तैयार किए है। ए ज्यादातर पौधे स्कूल, मनरेगा सहित सावर्जनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे एवं किसानों को भी वितरित किए जाएंगे। इन पौधों को विभाग द्वारा तैयार कर दिया गया है।