उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के महोबा जिले के एक उप प्रभागीय न्यायाधीश ने पर्यावरण को बचाने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। एसडीएम ने अपनी अदालत में आने वाले आरोपियों से जमानत के बदले एक पौधा लगाने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, अगली पेशी पर आने पर अपने मोबाइल में लगाए गए पौधे की फोटो खींचकर लाना और उसे दिखाना पड़ेगा। महोबा जिले की कुलपहाड़ तहसील के एसडीएम पीयूष जायसवाल ने पर्यावरण को लेकर यह अनूठी पहल शुरू की है। एसडीएम पीयूष जायसवाल ने शांति भंग के आरोपियों को जमानत देते हुए उन्हें पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आदेश दिया है। उन्होंने अब पौधे लगाने की शर्त पर जमानत देना शुरू किया है। शर्त यह है कि जमानत के बाद आरोपी एक पौधा लगाएगा और उसकी देख भाल भी करेगा। कुलपहाड़ थाना कोतवाली इलाके के शिवम तिवारी और प्रेमी सिंह को शांति भंग के आरोप में जमानत कराने एसडीएम कोर्ट पहुंचे थे। एसडीएम जायसवाल ने दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत देते हुए अपनी तरफ से उन्हें एक-एक पौधा दिया। साथ ही पौधे के बड़े होने तक उनकी देखभाल करने का आदेश दिया। यह भी हिदायत भी दी कि मुकदमा चलाने के दौरान जब भी दोनों पेशी पर आएं, तो अपने मोबाइल में लगाए गए पौधे की फोटो खींचकर साथ लाएं ताकि यह पता चल सके कि पौधे की देखभाल सही तरीके से की जा रही है या नहीं। एसडीएम की इस अनोखी पहल की बार एशोसिएशन और पर्यावरण प्रेमियों ने जमकर तारीफ की है। इस अनोखी पहल करने वाले एसडीएम पीयूष जायसवाल ने बताया कि पर्यावरण के प्रति हर व्यक्ति को जागरूक करने के लिए यह शुरुआत की है। अब देखते हैं कि यह पहल कहां तक कामयाब होती है।