मध्य प्रदेश के धार जिले में उत्कृृष्ट स्कूली बच्चों ने पर्यावरण को बचाने के लिए एक अनूठी पहल की है। स्कूली बच्चों ने एक क्लब बनाया और इसके माध्यम से वे पर्यावरण को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाएं बाजारों में आसानी से बिकती दिखाई देती हैं। लोग इन प्रतिमाओं को खरीदकर पूजा पाठ करते हैं और फिर नदी तालाब किनारे जाकर विसर्जित कर देते हैं। प्रतिमाएं बनाने के लिए कई तरह के केमिकल्स का उपयोग किया जाता है जो पानी मे मिल जाते हैं। यह पानी प्रदूषित होता है और कई प्रकार की समस्याएं पैदा कर देता है। इस प्रकार पानी को बचाने के लिए धार के उत्कृष्ट विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एक अनूठी पहल की है। इन दिनों सैकड़ों स्कूली बच्चे गणेशजी की ईको फ्रेंडली मिट्टी की प्रतिमाएं बना रहे हैं। इसमे उपयोग किए जाने वाले रंग भी ईको फ्रेंडली हैं जिससे किसी भी प्रकार से जल प्रदूषित नहीं होगा। इसमें सबसे खास बात यह है कि सभी बच्चे अपने अपने घर एक एक प्रतिमा ले जाएंगे और बाकी प्रतिमाओं को बाजार में बेच दिया जाएगा। इसका मूल्य भी खुद उपभोक्ता तय करके खरीदेंगे। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के बच्चों की इस पहल में स्कूल प्रशासन का भी बच्चों को भरपूर सहयोग मिल रहा है। स्कूल प्रशासन ने भी बच्चों को मूर्तियां बनाने के लिए प्रेरित किया है और बच्चों को मिट्टी की गणेशजी की प्रतिमाएं बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। यहां के बच्चों ने बड़ी संख्या में मिट्टी के गणेशजी की प्रतिमाएं बनाई हैं और अब स्कूल में ही एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जहां अब मूर्तियां सस्ती कीमतों पर बेची जा रही हैं।