नई दिल्ली : सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा कि सरकार सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं की शिकायतों के बेहतर समाधान के लिए स्व-नियामकीय अपीलीय व्यवस्था बनाने के उद्योग के सुझावों पर गौर करने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद सोशल मीडिया नियमों में नये संशोधनों को जुलाई महीना समाप्त होने से पहले अंतिम रूप दे दिया जाएगा। केंद्र ने सोशल मीडिया मंचों के शिकायत अधिकारी के निर्णय के खिलाफ आवेदनों पर गौर करने को अपीलीय समिति गठित करने का प्रस्ताव किया है। इस लिहाज से यह बयान महत्वपूर्ण है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों में किए गए संशोधन के प्रस्ताव के अनुसार समिति को आवेदन प्राप्त होने के तीस दिनों के भीतर उसका निपटान करना होगा और उसका निर्णय संबंधित बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए बाध्यकारी होगा। चंद्रशेखर ने संवाददाताओं से कहा कि अगर उद्योग सुझाव देता है तो अपने तरीके से शिकायतों को लेकर अपील का निपटान करना चाहता है, हम उसके लिए तैयार हैं। यह एक परामर्श है। अगर किसी के पास ज्यादा बेहतर समाधान है, हम उसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधन का मकसद सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को शिकायतों के निपटान के लिए अतिरिक्त विकल्प प्रदान करना है। मंत्री ने कहा कि फिलहाल उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अगर उद्योग और ये मंच स्व- नियामक, स्व-निपटान अपीलीय व्यवस्था लाते हैं, तो हम उसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर उद्योग शिकायतों के निपटान के लिए स्वयं विधान बनाता है और जवाबदेही तय करता है, सरकार इस प्रकार के सुझाव पर विचार के लिए पूरी तरह से खुली हुई है। चंद्रशेखर ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में शिकायतों का प्रभावी तरीके से समाधान नहीं किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि शिकायत निपटान अधिकारी के पीछे सोच यह है कि वह उपयोगकर्ताओं की तरफ से उठायी गई समस्याओं का समाधान करेंगे, लेकिन कई बार हमने रिपोर्ट देखी है कि उपयोगकर्ताओं ने शिकायतों को लेकर संबंधित अधिकारी को पत्र भेजे। अधिकारी ने पत्र प्राप्त होने की सूचना दी लेकिन उस पर कुछ हुआ नहीं।
सरकार सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए शिकायत निपटान व्यवस्था के सुझाव पर करेगी गौर : चंद्रशेखर
