भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा तथा दिल्ली भाजपा के मीडिया सेल के प्रभारी नवीन जिंदल द्वारा दिए गए विवादित बयान पर इस्लामिक देशों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पाकिस्तान के साथ-साथ अरब देशों ने भी इस बयान को लेकर भारत के समक्ष मुद्दा उठाया है। मालूम हो कि इन दोनों भाजपा नेताओं ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादित बयान दिया था। इस बयान के बाद ईरान, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, ओमान, कुवैत, इराक, संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों ने इसकी निंदा की है। कतर समेत कुछ देशों ने भारतीय राजदूत को तलब कर अपना विरोध भी व्यक्त किया है। मालूम हो कि पिछले 27 मई को एक निजी टीवी चैनल पर वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद पर हुए डिबेट के दौरान नुपूर शर्मा ने विवादित बयान दिया था। इसी तरह नवीन जिंदल ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी की थी। भारत सरकार द्वारा इस संबंध में स्पष्टीकरण के बावजूद आईओसी सचिवालय द्वारा भारत के संबंध में फिर दिया गया बयान उचित नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पहले ही कह चुके हैं कि भाजपा के इन दोनों नेताओं का बयान भारत सरकार का नजरिया नहीं है। भारत सभी धर्मों का सम्मान करता है तथा यहां सभी संप्रदाय के लोगों को अपने हिसाब से जीने का अधिकार है। प्रवक्ता ने आईओसी सचिवालय से सांप्रदायिक नजरिया छोड़ने एवं सभी धर्मों का सम्मान करने की अपील की। इस घटना को लेकर अरब देशों के साथ हो रहे व्यापार पर भी असर पड़ने की अंदेशा है। कुछ देशों में भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की बात की जा रही है। अरब देशों के साथ भारत का काफी व्यापार चलता है। कतर, बहरीन, सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के साथ भारत का व्यापार चलता है। अरब देशों से भारत कच्चा तेल एवं गैस आदि का आयात करता है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात एवं इराक के साथ भारत का बहुत ज्यादा व्यापार होता है। भारत इन देशों में खाद्यानों एवं दूसरी आवश्यक वस्तुओं का निर्यात करता है। अरब देश भारत पर खाद्य वस्तुओं के लिए निर्भर है। अगर व्यापार को लेकर गतिरोध बनता है तो उससे दोनों पक्षों को नुकसान पहुंचेगा। भारत पहले ही इस दिशा में कार्रवाई कर चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रवक्ता नुपूर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया है, जबकि नवीन जिंदल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकार ने ये भी कहा है कि इन दोनों नेताओं का विचार व्यक्तिगत है। पाकिस्तान इस मामले को उछाल कर अपना हित साधना चाहता है। पाकिस्तान को पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखना चाहिए। पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से दुनिया वाकिफ है। वहां रहने वाले हिंदू-सिख एवं दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सुरक्षित नहीं हैं। ऐसी स्थिति में दूसरे को उपदेश देने की जगह पाकिस्तान को अपना घर ठीक करना चाहिए। किसी भी धर्म के खिलाफ विवादित बयान देने से बचने की जरूरत है। भारत धर्मनिरपेक्ष देश है। यहां सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं को समझना चाहिए। समाचार पत्रों एवं टीवी चैनलों को इस तरह के भड़काऊ कार्यक्रम को तरजीह नहीं देना चाहिए।
इस्लामिक देशों के साथ संबंधों में खटास
