शिलांग : मेघालय के नवनिर्मित विधानसभा भवन का एक हिस्सा बीती रात गिर गया। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।  अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इमारत का 70 टन वजनी गुंबद बीती रात करीब साढ़े बारह बजे गिर गया।  विधानसभा भवन का निर्माण 177.7 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश की यूपीएनआरएनएनएल ने किया है।  निर्माण की देखरेख कर रहे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यकारी इंजीनियर (भवन) रांसम सुत्नगा ने कहा कि डिजाइन में खामी गुंबद के गिरने का कारण हो सकती है। उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा कि  खंभों और बीम के लिए स्टील के गुंबद का वज़न शायद बहुत ज्यादा था, इसलिए वे इसे सहन नहीं कर पाए। इसकी वजह से पूरा ढांचा ही गिर गया। सुत्नगा ने कहा कि मलबा साफ करने में दो हफ्ते लगेंगे। घटनास्थल पर पहुंचे इंजीनियर ने कहा कि गुंबद का नया ढांचा बनाने में कम से कम आठ महीने लगेंगे।  विधानसभा अधिकारियों ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के अधिकारियों ने पूरी इमारत के डिजाइन को मंजूरी दी थी और इसका निरीक्षण किया था।  नई इमारत बनाने का काम जून 2019 में शुरू हुआ था और इसे अगस्त 2022 तक पूरा किया जाना था। वहीं मेघालय सरकार की सहयोगी पार्टी भाजपा ने इस तरह के घटिया निर्माण को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है। रविवार को भाजपा अध्यक्ष अर्नेस्ट मावरी ने संवादाताओं से कहा कि भले ही हम मौजूदा सरकार में सहयोगी है मगर इसका मतलब यह नहीं है की हम भ्रषटाचार पर हम चुप रहेंगे।