नई दिल्ली : फंसे कर्ज में कमी आने से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्च 2022 में खत्म चौथी तिमाही में एकल शुद्ध लाभ 41 फीसदी बढक़र 9,114 करोड़ रुपए हो गया। एसबीआई ने शेयर बाजारों को बताया कि 2020-21 की जनवरी से मार्च की तिमाही में बैंक को 6,451 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। उसने बताया कि मार्च तिमाही में बैंक की कुल आय मामूली रूप से बढक़र 82,613 करोड़ रुपए हो गई जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 81,327 करोड़ रुपए थी। समेकित रूप से बैंक का शुद्ध लाभ 56 फीसदी की वृद्धि के साथ 9,549 करोड़ रुपए रहा जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 6,126 करोड़ रुपए था। परिसंपत्ति गुणवत्ता के मामले में 31 मार्च 2022 तक बैंक की सकल गैर-निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) कम होकर सकल अग्रिम का 3.97 फीसदी रह गईं। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 4.98 फीसदी थी। शुद्ध एनपीए या फंसा कर्ज कम होकर 1.02 फीसदी रह गया जो पिछले वर्ष 1.50 फीसदी था। पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक का एकल लाभ 55 फीसदी बढक़र 31,676 करोड़ रुपए हो गया जो पिछले वर्ष 20,410 करोड़ रुपए था। बैंक के निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए 7.10 रुपए प्रति शेयर का लाभांश देने की सिफारिश की है।
एसबीआई की चौथी तिमाही में लाभ 41 फीसद बढक़र 9,114 करोड़ रुपए पर
