नई दिल्ली : पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी) और सुकन्या समृद्धि योजना समेत पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम की ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की गई है। यानी अप्रैल से जून के दौरान आपको वही ब्याज दर मिलेगी, जो अभी मिल रही है। स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें नहीं बदलने से बचतकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है। सुकन्या समृद्धि योजना पर पर निवेशकों को 7.60प्रतिशत का ब्याज मिलता रहेगा। जबकि नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) पर 6.8प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ पर 7.1प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। किसान विकास पत्र में निवेश करने पर 6.9प्रतिशत का ब्याज दिया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों को 7.4प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। सरकार ने पिछले साल 1 अप्रैल 2020 को ही छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की थी। तब इनकी ब्याज दरों में 1.40प्रतिशत तक की कटौती की गई थी। इसके बाद 31 मार्च 2021 को भी कटौती का फैसला लिया गया था, जिसे आज वापस ले लिया गया। सरकार के लिए छोटी बचत योजनाएं पैसा जुटाने का आसान तरीका हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में छोटी बचत योजनाओं के जरिए 3.91 लाख करोड़ रुपए जुटाए है। वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए सरकार छोटी बचत योजनाओं से ही उधार लेती है। स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा होती है। इन योजनाओं की ब्याज दरें तय करने का फॉर्मूला 2016 श्यामला गोपीनाथ समिति ने दिया था। समिति ने सुझाव दिया था कि इन स्कीम की ब्याज दरें समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बांड के यील्ड से 0.25-1.00प्रतिशत ज्यादा होनी चाहिए।